UP Crime News: उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में पति की हत्या कर उसके शव को घर के बाथरूम में दफनाने का मामला लगातार नए मोड़ ले रहा है. पुलिस कस्टडी रिमांड के दौरान आरोपी महिला रूबी से हुई पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं. पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में महिला ने बताया कि उसने यह पूरी साजिश अकेले रची थी. पुलिस ने पूछताछ के बाद शनिवार को उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया.
हत्या से पहले देखी थी कई फिल्में और वेब सीरीज
पुलिस के अनुसार, वह लंबे समय से पति की प्रताड़ना और घरेलू विवादों से परेशान थी. इसी वजह से उसने हत्या की योजना बनाई. जांच में यह भी सामने आया कि योजना बनाने से पहले उसने कई फिल्में और वेब सीरीज देखकर पूरी वारदात को अंजाम देने का तरीका तैयार किया था. हालांकि, पुलिस मामले के हर पहलू की अलग-अलग जांच कर रही है.
18 मई से लापता था सुरेंद्र
सिकंदरा थाना क्षेत्र की रेणुका धाम कॉलोनी के निवासी 44 वर्षीय सुरेंद्र शर्मा पिछले 18 मई से लापता थे. परिवार की ओर से उनकी गुमशुदगी भी दर्ज कराई गई थी. इस बीच सुरेंद्र के बड़े भाई अनिल शर्मा को उनकी मां के पेंशन खाते से पैसे निकाले जाने की जानकारी मिली. जब उन्होंने इस बारे में रूबी से बात की तो उसने शुक्रवार को पूरी घटना का खुलासा कर दिया. इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और बाथरूम का फर्श खुदवाया. खुदाई के दौरान वहां से मानव कंकाल बरामद हुआ, जिसकी पहचान मौके पर मिले कड़े और माला के आधार पर परिजनों ने सुरेंद्र शर्मा के रूप में की. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया
डीएनए जांच के लिए भेजे गए नमूने
पुलिस ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम डॉक्टरों के पैनल से कराया गया है. वैज्ञानिक पुष्टि के लिए डीएनए सैंपल फोरेंसिक लैब भेजे गए हैं. इसके अलावा घटना वाले दिन मृतक की लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों को भी केस डायरी का हिस्सा बनाया जा रहा है.
पुलिस हिरासत में भावुक हुई आरोपी
पुलिस सूत्रों के अनुसार, हिरासत के दौरान रूबी काफी भावुक नजर आई. पूछताछ में उसने दावा किया कि पति के व्यवहार से वह इस कदर परेशान हो चुकी थी कि उसे लगा अब उसके पास कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा है. उसने अपनी बेटियों की चिंता भी जताई. हालांकि, पुलिस इन बयानों की जांच कर रही है और पूरे मामले के सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है.
बेटियों ने जताया दुख
मामले का खुलासा होने के बाद दोनों बेटियां अपने ताऊ के घर रह रही हैं. उन्होंने पुलिस को बताया कि पिता कुछ समय से बेरोजगारी और मानसिक तनाव से गुजर रहे थे. उनका कहना था कि चाहे परिस्थितियां जैसी भी रही हों, मां को ऐसा कदम नहीं उठाना चाहिए था.
पुलिस को अभी भी कई सवालों के जवाब तलाशने हैं
हालांकि शुरुआती पूछताछ में महिला ने अकेले वारदात को अंजाम देने की बात कही है, लेकिन पुलिस अभी इस संभावना से भी इनकार नहीं कर रही कि घटना में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका हो सकती है. जांच एजेंसियां सभी साक्ष्यों और फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार कर रही हैं. पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी.
पुलिस जांच में कैसे खुली पूरी वारदात?
पुलिस जांच के अनुसार, सुरेंद्र शर्मा की हत्या के बाद शव को घर के बाथरूम में दफना दिया गया था. इसके बाद बाथरूम का फर्श दोबारा बनवा दिया गया, ताकि किसी को घटना की भनक न लगे. शुरुआती जांच में पुलिस का कहना है कि हत्या से पहले सुरेंद्र को खीर में अधिक मात्रा में नींद की गोलियां दी गई थीं. हालांकि, मौत की सही वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के बाद ही स्पष्ट होगी.
गुमशुदगी दर्ज कराकर भटकाती रही पुलिस
वारदात के कुछ दिन बाद रूबी ने अपने जेठ अनिल शर्मा के साथ मिलकर पति की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी. उसने परिवार और पुलिस को बताया कि सुरेंद्र घर से तीन हजार रुपये लेकर कहीं चले गए हैं और मोबाइल भी घर पर छोड़ गए हैं. इसके बाद पुलिस ने उनकी तलाश में कई जगह जांच की और आसपास के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले, लेकिन सुरेंद्र का कोई सुराग नहीं मिला.
पुराने मामले की जांच के दौरान हुआ खुलासा
सुरेंद्र शर्मा के खिलाफ वर्ष 2017 में दर्ज एक पुराने मामले की जांच के सिलसिले में पुलिस हाल ही में उनके घर पहुंची थी. पुलिस ने जब सुरेंद्र के बारे में पूछा तो रूबी ने बताया कि वह कई दिनों से लापता हैं. इसके बाद उसे लगा कि मामला खुल सकता है और कुछ दिन बाद उसने अपने जेठ को पूरी सच्चाई बता दी. अनिल ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद बाथरूम की खुदाई कराई गई और वहां से मानव कंकाल बरामद हुआ.
पूछताछ में बदलती रही बयान
पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान रूबी ने कई बार अपना बयान बदला. शुरुआत में उसने पति को नींद की गोलियां देने की बात कही, लेकिन बाद में दावा किया कि सुरेंद्र ने आत्महत्या कर ली थी और घबराकर उसने शव को बाथरूम में दफना दिया. पुलिस अब उसके सभी बयानों का मिलान फोरेंसिक साक्ष्यों और अन्य सबूतों से कर रही है.
परिवार की आर्थिक स्थिति भी जांच के दायरे में
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि सुरेंद्र की मां को हर महीने पेंशन मिलती थी. पेंशन से जुड़े दस्तावेज और बैंक कार्ड रूबी के पास रहते थे. जून महीने की पेंशन को लेकर परिवार में विवाद हुआ था, जिसके बाद बड़े भाई अनिल शर्मा को पूरे मामले पर संदेह हुआ. इसी सिलसिले में हुई बातचीत के बाद घटना का खुलासा हुआ.
फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार
पुलिस ने कंकाल से डीएनए नमूने लेकर जांच के लिए फोरेंसिक प्रयोगशाला भेज दिए हैं. रिपोर्ट आने के बाद शव की वैज्ञानिक पहचान और मौत के कारणों की पुष्टि हो सकेगी. जांच अधिकारियों का कहना है कि सभी साक्ष्य जुटाने के बाद मामले में जल्द ही अदालत में आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल किया जाएगा. –कोमल अग्रवाल की रिपोर्ट
