अंग्रेजों के शासनकाल में संघर्षपूर्ण जीवन जीने को विवश थे आदिवासी : विधायक

नवनिर्मित जीइएल चर्च का पवित्र संस्कार किया गया

By Prabhat Khabar News Desk | June 16, 2026 10:35 PM

सिमडेगा. जलडेगा प्रखंड की लमडेगा पंचायत के लेटेमडा मंडली के नवनिर्मित जीइएल चर्च का संस्कार कार्यक्रम हुआ. मौके पर मोडरेटर सह दक्षिण पूर्व डायोसिस खूंटी के बिशप श्रद्धेय राइट रेभरेन मार्शल केरकेट्टा, टकरमा पेरिश के चेयरमैन पादरी अस्तोस बाघवार, पास्टोरेट चेयरमैन पादरी उषम डांग, विधायक नमन विक्सल कोंगाड़ी उपस्थित थे. मौके पर नवनिर्मित चर्च का पवित्र संस्कार किया गया. पादरी अस्तोस बाघवार की अगुवाई में आराधना की गयी. प्रवचन व प्रभु भोज अनुष्ठान बिशप मार्शल केरकेट्टा ने संपन्न कराया. बिशप ने कहा कि मनुष्यों के पास जो कुछ भी चीजें हैं, वह परमेश्वर की इच्छा से मिलती है. परमेश्वर की संगति छोड़ने से कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ता है. साथ ही कस्ट, तकलीफों और अशांति का जीवन जीना पड़ता है. विधायक नमन विक्सल कोंगाड़ी ने पेसा कानून 1996 और पेसा नियमावली की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि राजाओं व अंग्रेजों के शासन काल में आदिवासियों का जीवन घृणा, अपमान, कस्ट, अशांति और भयपूर्ण था. आदिवासी संघर्षपूर्ण जीवन जीने को विवश थे. आदिवासियों के अस्तित्व, पहचान व आजीविका से जुड़े संसाधनों को छीना जा रहा था. उस समय आदिवासियों की जीने की लालसा खत्म हो गयी थी. वैसी परिस्थिति के समय जर्मन मिशनरी और रोमन कैथोलिक मिशनरियों के लोग झारखंड में यीशु ख्रीस्त और पवित्र आत्मा के पवित्र जीवित वचनों को लेकर आये. आदिवासियों के प्रति प्रेम, सेवा, दया के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, बेहतर सामाजिक जीवन आदिवासियों के अस्तित्व, पहचान व आजीविका से जुड़े जल, जंगल, जमीन और सामाजिक सुरक्षा दिलाने का काम किया. साथ ही सुरक्षा, अधिकार और सम्मान दिलाया. उन्होंने कहा कि हर परिस्थितियों के लिए अपनेआप को परमेश्वर को सौंप दें और परमेश्वर के विश्वास और संगति में बने रहें. कार्यक्रम में प्रखंड अध्यक्ष सुशील जड़िया, अनमोल तोपनो, अमर तोपनो, अनिल डांग, पावल तोपनो, अर्जुन होरो आदि उपस्थित थे.