किसान पाठशाला से बदली किसान जीतवाहन नाग की किस्मत

किसान पाठशाला से बदली किसान जीतवाहन नाग की किस्मत

By Akarsh Aniket | June 14, 2026 9:25 PM

रविकांत साहू सिमडेगा. जलडेगा प्रखंड के कोनमेरला पंचायत अंतर्गत डूमरबेड़ा गांव के किसान जीतवाहन नाग क्षेत्र के सफल सब्जी उत्पादक किसान के रूप में पहचाने जाते हैं. यह बदलाव आया लीड्स संस्था द्वारा आयोजित किसान पाठशाला और आधुनिक कृषि तकनीक से जुड़कर. पहले जीतवाहन नाग परंपरागत तरीके से खेती करते थे. नई तकनीक और बेहतर उत्पादन की जानकारी कम होने के कारण मेहनत के अनुपात में लाभ नहीं मिल पाता था. स्थिति तब बदली जब वे लीड्स संस्था की किसान पाठशाला से जुड़े और आधुनिक खेती के गुर सीखे. प्रशिक्षण से मिली सीख व गुणवत्ता बीज और कृषि संसाधनों के सही उपयोग ने उनकी खेती को नई दिशा दी. आज जीतवाहन नाग करीब एकड़ जमीन में खीरा, मिर्च, कद्दू, लौकी, कलमी साग, पुंई साग, शकरकंद, मूली और अदरक सहित कई तरह की सब्जियों की वैज्ञानिक तरीके से खेती कर रहे हैं. किसान पाठशाला से मिले प्लास्टिक नर्सरी बैग, नर्सरी ट्रे, मचान जाल, अजोला और अन्य कृषि सामग्री का उपयोग कर उन्होंने पौधों की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों बढ़ाया है.

उत्पादित सब्जियों को बाजार में बेचते है

उत्पादित सब्जियों को वे कोनमेरला, जलडेगा, लंबोई और सिलिंगा सहित आसपास के बाजारों में बेचते हैं. सब्जी खेती से उन्हें हर महीने करीब 15 हजार रुपये से भी ज्यादा की आय हो रही है. इससे उनकी आर्थिक स्थिति में बड़ा सुधार हुआ है.