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झारखंड में घंटी आधारित शिक्षकों का पदनाम बदला, अब हर सप्ताह 16 कक्षाएं लेना अनिवार्य

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झारखंड में घंटी आधारित शिक्षकों का पदनाम बदला, अब हर सप्ताह 16 कक्षाएं लेना अनिवार्य

Jharkhand News: राज्य के विवि में कार्यरत अनुबंधित (घंटी आधारित) असिस्टेंट प्रोफेसर को बेसिक सैलरी 57700 रुपये प्रति माह के समतुल्य मानदेय होगा. इन असिस्टेंट प्रोफेसर को अब घंटी आधारित की जगह आवश्यकता आधारित (नीड बेस्ड) असिस्टेंट प्रोफेसर कहा जायेगा. इन शिक्षकों का अवधि विस्तार विवि व कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर की नियमित/बैकलॉग नियुक्ति होने तक या 65 वर्ष की आयु तक (जो पहले हो) के आधार पर होगा. नियमित नियुक्ति के बाद अगर पद रिक्त रहते हैं, तो इन अस्सिटेंट प्रोफेसर की सेवा बरकरार रहेगी. जिनकी योगदान की तिथि पहले होगी, उन्हें वरीयता दी जायेगी.

प्राचार्य व एचओडी पर कक्षा आवंटन की होगी जिम्मेवारी

इन शिक्षकों को प्रति सप्ताह औसतन 16 कक्षाएं लेना अनिवार्य होगा. सभी प्राचार्यों व विभागाध्यक्षों पर अनिवार्य रूप से प्रति सप्ताह 16 कक्षाएं आवंटित करने की जिम्मेवारी होगी. अगर 16 कक्षाएं नहीं होती हैं, तो उनके द्वारा ली गयी कुल कक्षा के अनुपात में मासिक मानदेय राशि के भुगतान में प्रति कक्षा 900 रुपये की कटौती कर ली जायेगी. उच्च व तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक इन शिक्षकों की वन टीचिंग क्लास एक घंटे की होगी, जबकि एक नन टीचिंग क्लास दो घंटे की होगी. नन टीचिंग क्लास में प्रयोगशाला, आंतरिक मूल्यांकन, सीजनल कार्य, ट्यूटोरियल क्लास, रिमेडियल क्लास तथा संस्थान के अन्य गैर शैक्षणिक कार्य जैसे आइक्वेक, नैक, एआइएसएचइ आदि से संबंधित कार्य में सहभागिता के आधार पर मासिक मानदेय का भुगतान होगा.

छुट्टियों में कराये जा सकते हैं गैर शैक्षणिक कार्य

ग्रीष्मावकाश और अन्य वेकेशन के दौरान नियमित कक्षाएं स्थगित रहती हैं. इसलिए इस अवधि में गैर शैक्षणिक कार्य कराये जा सकते हैं तथा इसी अनुरूप मानदेय का भुगतान होगा. प्राचार्य/विभागाध्यक्ष सुनिश्चित करेंगे कि इस अवधि में 16 कक्षाओं के लिए उपयुक्त गैर शैक्षणिक कार्य लेंगे. कक्षा नहीं लेने या फिर गैर शैक्षणिक कार्य नहीं करने पर प्राचार्य/विभागाध्यक्ष कार्रवाई कर सकते हैं.

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