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हाथियों ने मचाया उत्पात, डेढ़ एकड़ में लगी फसलों को किया नष्ट

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हाथियों ने मचाया उत्पात, डेढ़ एकड़ में लगी फसलों को किया नष्ट

:::कांकेबार व आसपास के क्षेत्रों में हाथियों के आतंक से परेशान हैं किसान :::ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथियों के उत्पात से जल्द राहत दिलाने की मांग की है. रामगढ़. रामगढ़ शहर के मुर्रामकलां, कांकेबार, कंडेर सहित आसपास के क्षेत्रों में हाथियों का उत्पात थमने का नाम नहीं ले रहा है. हाथी कांकेबार के जंगलों में दिसंबर से ही जमे हैं. दो माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद हाथियों को निर्धारित कॉरिडोर में नहीं भेजा गया है. इससे क्षेत्र के ग्रामीण दहशत में हैं. ग्रामीण अजय के अनुसार, रात होते ही हाथी जंगल से निकलकर आसपास के गांवों की ओर चले जाते हैं. खेतों में लगी फसलों को नष्ट कर देते हैं. हाथियों के डर से शाम होते ही ग्रामीण घरों के अंदर रहने को मजबूर हो जाते हैं. कई लोग रात भर जाग कर खेतों और घरों की निगरानी करते हैं. हाथियों से लोगों का डर इतना बढ़ गया है कि लोग अपने मवेशी और बकरियों को चराने के लिए भी जंगल नहीं ले जा रहे हैं. ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथियों के उत्पात से जल्द राहत दिलाने की मांग की है. किसानों को हुआ है काफी नुकसान : गुरुवार देर रात हाथियों ने क्षेत्र के किसान जीवन लाल कुशवाहा के खेत में लगी फसलों को नुकसान पहुंचाया. जीवन लाल कुशवाहा ने बताया कि गुरुवार की रात हाथी खेत में पहुंच गये. लगभग 1.5 एकड़ में लगी टमाटर, लौकी, बैंगन व अन्य सब्जियों की फसलों को नष्ट कर दिया. उन्होंने बताया कि हाथी लौकी की फसल खा गये. टमाटर, बैंगन व अन्य सब्जियों के पौधों को नष्ट कर दिया. क्षतिग्रस्त फसलों की निगरानी के लिए खेत में बनायी गयी झोपड़ी को भी हाथियों ने क्षतिग्रस्त कर दिया है. उन्होंने बताया कि उनका मुख्य पेशा कृषि है. परिवार की आय भी खेती पर ही निर्भर है. फसलों के नुकसान होने से उन्हें आर्थिक क्षति हुई है. उन्होंने वन विभाग से क्षतिग्रस्त फसलों का मुआवजा देने की मांग की है. उन्होंने वन विभाग से हाथियों को कांकेबार व मुर्रामकलां के वन क्षेत्र से हटा कर निर्धारित कॉरिडोर में भेजने की मांग की है. हाथियों की गतिविधियों पर वन विभाग की टीम रख रही नजर : बटेश्वर वन क्षेत्र के पदाधिकारी बटेश्वर पासवान ने कहा कि हाथियों का कॉरिडोर बाधित होने के कारण कांकेबार के जंगलों से हाथियों को निर्धारित कॉरिडोर की ओर नहीं भेजा जा सका है. उन्होंने कहा कि वन विभाग की टीम लगातार हाथियों को जंगल से हटाने का प्रयास कर रही है. प्रतिदिन टीम गांवों में पहुंच कर हाथियों की गतिविधियों की जानकारी ले रही है. ग्रामीणों को हाथियों से बचाव के लिए टॉर्च उपलब्ध करायी गयी है. उन्हें हाथी भगाने का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है.

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