डीवीसी के शटडाउन से अरगड्डा कोयला क्षेत्र में उत्पादन प्रभावित, कारोबारी भी परेशान

डीवीसी के शटडाउन से अरगड्डा कोयला क्षेत्र में उत्पादन प्रभावित, कारोबारी भी परेशान

By SAROJ TIWARY | April 22, 2026 11:33 PM

डीवीसी ने बिजली आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने के लिए शुरू किया मेंटेनेंस ड्राइव गिद्दी. दामोदर वैली कॉरपोरेशन (डीवीसी) ने बुधवार से अरगड्डा कोयला क्षेत्र में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने के लिए मेंटेनेंस ड्राइव शुरू कर दिया है. इससे अरगड्डा कोयला क्षेत्र में कोयला व ओबी उत्पादन पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है. मजदूरों की भी परेशानी बढ़ गयी है. सुबह नौ बजे लेकर शाम साढ़े पांच बजे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने के कारण अरगड्डा क्षेत्र की गिद्दी, गिद्दी सी, रैलीगढ़ा व सिरका परियोजना में इलेक्ट्रिक मशीनों का संचालन बाधित हो रहा है. कई कार्य प्रभावित होने से उत्पादन की रफ्तार धीमी पड़ गयी है. इससे लागत पर भी असर पड़ रहा है. अरगड्डा कोयला क्षेत्र में रोजाना सात हजार मीट्रिक टन कोयला और 10 हजार से अधिक क्यूबिक मीटर ओबी का उत्पादन किया जाता है. कोयला से ज्यादा ओबी उत्पादन पर असर पड़ रहा है. इनदिनों क्षेत्र में गरमी पड़ रही है. शटडाउन से मजदूरों की परेशानी बढ़ गयी है. लंबे समय तक बिजली नहीं रहने से कार्यस्थल के साथ-साथ घरों में भी पंखा, कूलर और पानी जैसी सुविधाएं बाधित हो रही है. इससे मजदूरों को दोहरी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. इतना ही नहीं, उनका दैनिक जीवन भी प्रभावित हो रहा है. अरगड्डा क्षेत्र में स्थानीय व्यवसाय पर भी इसका असर देखने को मिल रहा है. फोटो कॉपी, प्रिटिंग व छोटे दुकानों से जुड़े कई काम कार्य प्रभावित हो रहे हैं. इससे आम लोगों की परेशानी बढ़ गयी है. इस शटडाउन का असर उत्पादन, लागत व आम जनजीवन पर साफ नजर आ रहा है. शटडाउन अगले 25 दिनों तक चलेगा. काफी परेशानी हो रही है : कर्मचारी : सीसीएलकर्मी दशरथ करमाली ने बताया कि शटडाउन से उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. ड्यूटी जाते हैं, तब भी गरमी लगती है और घर लौटने पर भी राहत नहीं मिलती है. बिजली नहीं रहने से पंखा, कूलर सब बंद रहता है. समय पर पानी की आपूर्ति नहीं होगी, तो यह भी परेशानी बढ़ने वाली है. उत्पादन संतुलन बनाने के लिए हो रहा प्रयास : पीओ : सिरका परियोजना पदाधिकारी एएन सिंह ने बताया कि शटडाउन से कोयला व ओबी उत्पादन प्रभावित हो रहा है, पर विभाग द्वारा उत्पादन को संतुलित बनाने के लिए प्रयास किया जा रहा है.