व्यक्ति के अंदर विवेक व संवेदनशीलता जागृत करती है पुस्तक : कुलपति

व्यक्ति के अंदर विवेक व संवेदनशीलता जागृत करती है पुस्तक : कुलपति

By Akarsh Aniket | May 25, 2026 9:34 PM

प्रतिनिधि, मेदिनीनगर पलामू पुस्तक मेले का चार दिवसीय आयोजन सोमवार को सीएम उत्कृष्ट प्लस टू विद्यालय परिसर में संपन्न हुआ. इस अवसर पर नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. डीके सिंह मुख्य अतिथि थे. उन्होंने कहा कि पुस्तकों का अध्ययन व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाता है. अच्छी किताबें विवेक, संवेदनशीलता और उत्तम विचारों को जागृत करती हैं. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) चाहे जितनी विकसित हो जाये, पुस्तकों का स्थान कभी नहीं ले सकती. विदेशी पुस्तकें सामान्यतः रेफरेंस के रूप में उपयोगी होती हैं, किंतु महंगी होने के साथ समय के साथ उनकी प्रासंगिकता घट जाती है. इसके विपरीत स्वदेशी पुस्तकें हमारी संस्कृति, समाज और मानवीय मूल्यों को जीवित रखती हैं, इसलिए उनका अध्ययन आवश्यक है.

समय इंडिया के प्रबंध न्यासी साहित्यकार चंद्रभूषण ने कहा कि किताबें केवल कागज के पन्ने नहीं, बल्कि समाज की चेतना और सभ्यता की धड़कन होती हैं. उन्होंने युवाओं से मोबाइल की दुनिया से बाहर निकलकर पुस्तकों से जुड़ने का आह्वान किया.

समापन समारोह में साहित्य प्रेमी, विद्यार्थी, शिक्षक और सामाजिक कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित थे. स्थानीय संयोजक संजय वर्मन ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया. मेले में साहित्य प्रेमियों की भीड़ रही और लोग अपनी पसंद व आवश्यकता के अनुसार पुस्तकों की खरीदारी करते दिखे. इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि पुस्तकें आज भी ज्ञान, साहित्य और सामाजिक चेतना का सबसे सशक्त माध्यम हैं.