पलामू से चंद्रशेखर सिंह की रिपोर्ट
पलामू : पलामू जिले के हैदरनगर थाना क्षेत्र में शुक्रवार को उस वक्त भारी तनाव की स्थिति पैदा हो गई, जब एक 8 वर्षीय मासूम बच्चे की हत्या और दंपती पर कातिलाना हमले के मुख्य आरोपी चितरंजन पासवान के ‘थाने से फरार’ होने की अफवाह फैल गई. इस खबर के फैलते ही बिंदुबिग्घा गांव सहित आसपास के सैकड़ों ग्रामीण उग्र हो गए. आक्रोशित भीड़ ने तुरंत हैदरनगर-जपला मुख्य मार्ग को बिंदुबिग्घा मोड़ के पास पूरी तरह जाम कर दिया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी.
पुलिस पर लापरवाही का लगा आरोप
सड़क जाम कर रहे ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर था. उनका सीधा आरोप था कि पुलिस की घोर लापरवाही के कारण इतना बड़ा अपराधी हाजत से भाग निकलने में कामयाब रहा. प्रदर्शनकारियों ने कहा, “जिस कातिल को ग्रामीणों ने खुद पकड़कर पुलिस के हवाले किया था, वह पुलिस की कस्टडी से गायब कैसे हो गया? पुलिस जानबूझकर आरोपी को बचा रही है.” सड़क जाम होते ही दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई और स्थिति बेकाबू होने लगी.

मामला गर्माया तो SDPO ने संभाला मोर्चा
गांव वालों के भारी आक्रोश और चक्का जाम होने की सूचना मिलते ही पुलिस महकमा तुरंत हरकत में आया. मामले की गंभीरता को देखते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) ने सूझबूझ का परिचय दिया और वॉडियो कॉल के जरिये स्थिति को साफ किया. एसडीपीओ ने ग्रामीणों के अफवाहों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि पुलिस आरोपी को पूछताछ के लिए हुसैनाबाद लाई है.
पुलिस अधिकारियों ने किया स्पष्ट
एसडीपीओ ने कहा कि अभियुक्त चितरंजन पासवान थाने से फरार नहीं हुआ है. इस जघन्य हत्याकांड के मामले में उससे गहन पूछताछ और सुरक्षा कारणों से उसे हैदरनगर से हुसैनाबाद स्थानांतरित (शिफ्ट) किया गया था. किसी ने इलाके में उसके भागने की गलत अफवाह उड़ा दी थी.”

गलतफहमी दूर होते ही ग्रामीणों ने खोला जाम
वीडियो कॉल पर आरोपी को पुलिस कस्टडी में देखते ही ग्रामीणों की गलतफहमी दूर हो गई. पुलिस के इस कार्रवाई से आक्रोशित ग्रामीणों का गुस्सा शांत हुआ. इसके बाद ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से हैदरनगर-जपला रोड से जाम हटा लिया, जिसके बाद इस रूट पर यातायात दोबारा सामान्य हो सका. पुलिस प्रशासन ने एक बड़ा बवाल टलने के बाद राहत की सांस ली है.
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