पलामू सर्वाधिक गर्म इलाका, अनावश्यक पावर कट पर बर्दाश्त नहीं
राज्य के वित्त मंत्री राधा कृष्णा किशोर की अध्यक्षता में मंगलवार को पलामू समाहरणालय सभागार में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक हुई
वित्त मंत्री की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक हुई, कहा
अधिकारियों ने बतायी पीड़ा, 64 मेगावाट बिजली की किल्लत
विद्युत विभाग के जीएम सह मुख्य अभियंता श्रवण कुमार ने बताया कि पलामू को फिलहाल 250 मेगावाट बिजली की जरूरत है, लेकिन सिर्फ 186 मेगावाट की ही आपूर्ति हो पा रही है. इस वजह से जिले में 64 मेगावाट की बड़ी किल्लत बनी हुई है. मंत्री ने इस कमी को देखते हुए पीक आवर (व्यस्ततम समय) में बेहतर लोड मैनेजमेंट करने के निर्देश दिया. उद्योगों से पहले घरेलू उपभोक्ताओं की जरूरतों को प्राथमिकता देने की बात कही गयी.पेयजल संकट पर विशेष फोकस : खराब चापाकल तुरंत सुधारें
बैठक में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की समीक्षा के दौरान मंत्री श्री किशोर ने जिले में चालू चापाकलों की संख्या, खराब पड़े चापाकलों की स्थिति और उनकी तकनीकी खराबियों की विस्तृत जानकारी ली. उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि खराब चापाकलों की मरम्मत कार्य में तेजी लायें. विशेषकर उन क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाये, जहां पानी का संकट सबसे अधिक है. बैठक में नये चापाकलों की स्थापना, जलापूर्ति योजनाओं की प्रगति और खराब जलमीनारों को दोबारा चालू करने की बात कही गयी. सार्वजनिक स्थलों पर पानी की व्यवस्था करने का निर्देशमंत्री ने कहा कि भीषण गर्मी को देखते हुए ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की मुख्य प्राथमिकता है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी सार्वजनिक स्थलों, प्रमुख चौक-चौराहों, बाजारों और बस पड़ावों पर पानी की समुचित व्यवस्था की जाये ताकि राहगीरों और आम लोगों को राहत मिल सके. इस पर उपायुक्तने आश्वस्त करते हुए कहा कि जिला प्रशासन द्वारा यह कार्य लगातार किया जा रहा है.
