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Home झारखण्ड पलामू फसल बीमा में बड़ा फर्जीवाड़ा, दो लाख से अधिक आवेदन निकले गलत

फसल बीमा में बड़ा फर्जीवाड़ा, दो लाख से अधिक आवेदन निकले गलत

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फसल बीमा में बड़ा फर्जीवाड़ा, दो लाख से अधिक आवेदन निकले गलत

बिरसा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में लक्ष्य से तीन गुना आवेदन प्रतिनिधि, मेदिनीनगर राज्य सरकार के आदेश पर बिरसा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ फसल का बीमा कराया गया था.जिले में एचडीएफसी एरगो कंपनी ने फसल बीमा किया. राज्य सरकार ने पलामू जिले को 1 लाख 765 किसानों का लक्ष्य दिया था, लेकिन इसके विरुद्ध 3 लाख 10 हजार 838 आवेदन जमा किये गये. समीक्षा के दौरान तत्कालीन उपायुक्त ने पाया कि लक्ष्य से करीब तीन गुना आवेदन किये गये हैं. इसके बाद सभी आवेदनों की जांच का आदेश दिया गया. सभी अंचलों के सीओ को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गयी. जांच में मात्र 84 हजार 237 आवेदन ही सही पाये गये. इनमें ऋण लेने वाले किसानों की संख्या 37,861 तथा ऋण नहीं लेने वाले किसानों की संख्या 72,729 है. जांच में 2 लाख 26 हजार 601 आवेदन निकले फर्जी जांच के दौरान कुल 2 लाख 26 हजार 601 आवेदन फर्जी पाये गये. कृषि विभाग की रिपोर्ट के अनुसार जिले में आच्छादित भूमि मात्र 67 हजार 308 हेक्टेयर है, जबकि कंपनी द्वारा 2 लाख 32 हजार 213.77 हेक्टेयर भूमि का फसल बीमा पंजीकरण कर दिया गया था. डिस्ट्रिक्ट लेवल मॉनिटरिंग कमेटी के अध्यक्ष डीसी ने इस पर गंभीर सवाल उठाते हुए सभी अधिकारियों को 15 दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट देने का निर्देश दिया था. उन्होंने पूछा था कि जब आच्छादित भूमि 67 हजार 308 हेक्टेयर है, तो उससे तीन गुना अधिक भूमि का बीमा कैसे हो गया. कैसे की गयी गड़बड़ी जांच में सामने आया कि एक ही जमीन का कई बार बीमा करा दिया गया. जमीन एक, गांव एक, पंचायत एक, लेकिन घर के सभी सदस्यों ने उसी जमीन पर अलग-अलग बीमा करा लिया. कई मामलों में किसानों ने यदि पांच एकड़ जमीन है, तो उसका ढाई गुना तक, यानी पांच हेक्टेयर से अधिक का बीमा करा दिया. इसी कारण कागजों में भूमि का रकबा असामान्य रूप से बढ़ गया. जांच के बाद कितनी भूमि का हुआ बीमा बीमा कंपनी के अनुसार 3,10,838 आवेदन के माध्यम से 2,32,213.77 हेक्टेयर भूमि का बीमा दिखाया गया था. लेकिन जांच के बाद केवल 84,237 आवेदन स्वीकृत किये गये. इसके तहत 77,222 हेक्टेयर भूमि का ही बीमा मान्य पाया गया. वहीं रबी फसल के लिए 8,954 आवेदन स्वीकृत हुए, जिसमें ऋणधारी किसान 5,295 तथा गैर ऋणधारी किसान 6,189 हैं. भूमि के मामले में कुल 8,061.62 हेक्टेयर शामिल है.

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