[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home झारखण्ड लोहरदगा ग्रामसभाओं को जल, जंगल और जमीन पर मिलेगा वास्तविक अधिकार, स्वशासन होगा मजबूत : सांसद

ग्रामसभाओं को जल, जंगल और जमीन पर मिलेगा वास्तविक अधिकार, स्वशासन होगा मजबूत : सांसद

0
ग्रामसभाओं को जल, जंगल और जमीन पर मिलेगा वास्तविक अधिकार, स्वशासन होगा मजबूत : सांसद

लोहरदगा़ अनुसूचित क्षेत्रों में आदिवासी समाज को जल, जंगल और जमीन पर उनका वास्तविक हक दिलाने के लिए पेसा कानून को जमीन पर उतारने की कवायद तेज हो गयी है. शनिवार को लोहरदगा सांसद सुखदेव भगत ने पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था के प्रतिनिधियों के साथ उपायुक्त डॉ ताराचंद से मुलाकात की. सांसद ने जिले में पेसा कानून के नियमों को जल्द से जल्द प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग की, ताकि ग्रामसभाओं को सशक्त बनाया जा सके. लोकतांत्रिक भागीदारी और स्वशासन होगा मजबूत : सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि पेसा कानून आदिवासी समाज की पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था को मजबूती प्रदान करने वाला एक महत्वपूर्ण संवैधानिक कवच है. इसके लागू होने से ग्रामसभाओं को स्थानीय संसाधनों के प्रबंधन, विकास योजनाओं की स्वीकृति और सामाजिक मामलों में निर्णय लेने की वास्तविक शक्ति मिलेगी. उन्होंने जोर देकर कहा कि भूमि अधिग्रहण और प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग से पूर्व ग्रामसभा की सहमति अनिवार्य होने से आदिवासियों के हितों का संरक्षण होगा. पड़हा व्यवस्था के प्रतिनिधि थे मौजूद : मुलाकात के दौरान पारंपरिक पड़हा व्यवस्था के बेल विजय उरांव, उप बेल शिवशंकर टाना भगत, देवान संजीव भगत, उप देवान जतरू उरांव और कोटवार रामकिशुन उरांव सहित समाज के कई प्रबुद्ध लोग मौजूद थे. इसके अलावा इंटक जिलाध्यक्ष आलोक साहू, साजिद अहमद, नेसार अहमद और सोनू कुरैशी मौजूद थे. प्रतिनिधियों ने प्रशासन से आग्रह किया कि विकास की मुख्यधारा में आदिवासियों की सीधी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए इस कानून का क्रियान्वयन प्राथमिकता के आधार पर हो.

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel