बेतला़ गर्मियों की छुट्टियां खत्म होने और स्कूल खुलने से ठीक पहले प्रसिद्ध बेतला नेशनल पार्क सैलानियों से पूरी तरह गुलजार हो गया है. पिछले एक सप्ताह से यहां पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ रही है. इस बार झुलसाने वाली गर्मी के बावजूद घरेलू और विदेशी पर्यटक वन्यजीवों का दीदार करने पहुंच रहे हैं. दोपहर की तेज धूप से बचते हुए सैलानी सुबह और शाम के सुहाने समय में जंगल सफारी का जमकर आनंद ले रहे हैं. पर्यटकों के लिए मुकम्मल इंतजाम : पर्यटकों के लिए ठहरने, पीने के पानी और सफारी गाड़ियों की बुकिंग को पारदर्शी बनाया गया है. रेंजर उमेश कुमार दुबे ने बताया कि प्लास्टिक-मुक्त सफारी और शांत पर्यटन के नियमों का कड़ाई से पालन कराया जा रहा है. उन्होंने स्पष्ट किया कि सफारी, गाइड या परिसर में कोई परेशानी होने पर पर्यटक सीधे प्रबंधन से शिकायत कर सकते हैं, जिसका त्वरित समाधान किया जायेगा. वन्यजीवों के लिए पानी की व्यवस्था : भीषण गर्मी को देखते हुए वन विभाग वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर अलर्ट है. रेंजर ने बताया कि जंगल के भीतर स्थित वॉटर होल्स (जलस्रोतों) में नियमित रूप से पानी भरा जा रहा है, ताकि बेजुबान जानवरों को पानी के लिए भटकना न पड़े और वे सुरक्षित रहें. प्रजनन काल को लेकर एक जुलाई से बंद हो जायेगा पार्क : इधर, ठीक दो सप्ताह बाद बेतला नेशनल पार्क पर्यटकों के लिए पूरी तरह बंद हो जायेगा. राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) के दिशा-निर्देशानुसार हर साल एक जुलाई से 30 सितंबर तक पार्क में आवाजाही पर रोक रहती है. माॅनसून का यह समय वन्यजीवों का मुख्य प्रजनन काल होता है. इस दौरान जंगल के भीतर इंसानी दखल और गाड़ियों के शोर को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया जाता है ताकि वन्यजीव शांत वातावरण में वंश वृद्धि कर सकें.