[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home झारखण्ड खूंटी हातु सभा संघ की बैठक में पेसा पर चर्चा की गयी

हातु सभा संघ की बैठक में पेसा पर चर्चा की गयी

0
हातु सभा संघ की बैठक में पेसा पर चर्चा की गयी

तोरपा. प्रखंड स्तरीय पारंपरिक हातु सभा संघ, तोरपा के तत्वावधान में रविवार को डोड़मा पुटकल टोली अखड़ा में एक बैठक उम्बलन तोपनो की अध्यक्षता में हुई. बैठक में पेसा नियमावली तथा आदिवासियों के हित से संबंधित विषयों पर चर्चा की गयी. चर्चा में डोड़मा, बारकुली, ओकड़ा एवं सोन्दारी पंचायत के ग्रामीण शामिल हुए. बैठक में उपस्थित झारखंड उलगुलान संघ के संयोजक अलेस्टेयर बोदरा ने कहा कि पांचवीं अनुसूची क्षेत्र के विशेषाधिकार को कुचलने का काम झारखंड सरकार द्वारा किया जा रहा है. जनजातीय सलाहकार परिषद बैठक नियमित रूप से नहीं की जा रही है, जिससे आदिवासियों से संबंधित सशक्त नीति नियमों का निर्माण नहीं हो पा रहा है. पेसा नियमावली निर्माण इसका जीता जागता उदाहरण है. तोरपा के प्रमुख रोहित सुरीन ने कहा कि पारम्परिक ग्राम सभा को मजबूत करने के लिए गांव के पारम्परिक अगुवों को क्रियाशील होना होगा, तभी हम पेसा कानून को जमीन पर उतार सकते हैं. समाजसेवी बेनेदिक्त नवरंगी ने कहा कि पेसा नियमावली को लेकर विभागीय मंत्री द्वारा आदिवासियों के बीच भ्रम फैलाने का काम किया जा रहा है. इमानुएल तोपनो ने शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि पारम्परिक ग्राम सभा का प्राथमिक और महत्वपूर्ण काम यह होना चाहिए कि वे अपने गांव के स्कूलों में गुणात्मक शिक्षा सुनिश्चित करें. बैठक को वीरेन्द्र धान, मसीहदास गुड़िया, जोन जुरसेन गुड़िया, क्रिस्टोफर भेंगरा,अजित भेंगरा, नन्दू भेंगरा, कलिया मुंडा, जीवन मसीह हेमरोम, अलेक्सियस भेंगरा आदि ने भी संबोधित किया.

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel