jamshedpur news : नशेड़ी की ड्रामेबाजी, जुर्माना लगाने के बाद डीसी कार्यालय के गेट पर पी शराब

कहा-पुलिस ने उसे 24 घंटे तक कहीं भी शराब पीने की कही है बात

By AKHILESH KUMAR | June 5, 2026 1:13 AM

jamshedpur news : नशेड़ियों की ड्रामेबाजी में बुधवार रात को एक और कारनामा जुड़ गया. बिष्टुपुर ट्रैफिक पुलिस ने कार में शराब की सील पैक बोतल लेकर जा रहे व्यक्ति की ब्रेथ एनलाइजर से जांच की, तो उसकी रिपोर्ट पाॅजिटिव आयी. इस पर पुलिसकर्मी ने उस पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया. जुर्माना राशि देने के बाद आरोपी संजय सिंह अपनी कार लेकर उपायुक्त कार्यालय के गेट पर पहुंचा और वहीं गाड़ी खड़ी कर शराब भी पी. संजय ने बताया कि 10 हजार रुपये के चालान काटने के बाद पुलिस ने ही उसे 24 घंटे तक कहीं भी शराब पीने की बात कही है.

यह है मामला :

इस संबंध में सोनारी झाबरी बस्ती के रहने वाले संजय सिंह ने बताया कि बुधवार की रात को वह अपनी कार (जेएच05डीजी-4576) से डोबो ब्रिज के पास गया. वहां उसने शराब की बोतल खरीदी. उसके बाद वह अपने एक दोस्त गीतेश को गाड़ी में बैठाया और गुटखा खाकर टीएमएच में अपनी मां को देखने के लिए जाने लगा. उसी क्रम में साेनारी साई मंदिर के पास ट्रैफिक चेकिंग अभियान के दौरान उसकी कार को रोका गया. उसके बाद जब पुलिस ने देखा कि कार में शराब की बोतल है, तो ब्रेथ एनलाइजर मशीन लाकर उसकी जांच करना शुरू कर दी. मुंह में गुटखा होने के कारण पुलिस ने पानी से कुल्ला कराया. उसके बाद मशीन में फूंकने की बात कही. संजय ने बताया कि उसने दो- तीन बार मशीन में फूंका. लेकिन, मशीन रिपोर्ट नहीं दी. फिर पुलिसकर्मी ने दूसरी मशीन लायी और उसमें फूंकने को कहा. करीब सात- आठ बार लगातार फूंकने के बाद मशीन में रिपोर्ट पॉजिटिव आ गयी. उसके बाद पुलिस ने उससे 10 हजार रुपये चालान देने की बात कही. फिर काफी बहस के बाद उसने पुलिसकर्मी को 10 हजार रुपये चालान दिया.

पुलिस ने अपने बैंक खाते में ली चालान की राशि

संजय ने आरोप लगाया कि एएसआइ लाल बिहारी ने चालान की रकम 10 हजार रुपये अपने बैंक खाते में लिया. संजय ने बताया कि उसके पास नकद 10 हजार रुपये नहीं थे. जिस कारण पुलिसकर्मी ने अपना पर्सनल स्कैनर दिया और उसमें 10 हजार रुपये लिये और बदले में उसका चालान उसे दे दिया. एएसआइ लाल बिहारी ने उस वक्त संजय को बताया कि वह रकम को गुरुवार को सरकारी खाते में जमा कर देगा.

मदद के तौर पर किया गया कार्य अपराध नहीं होता : ट्रैफिक डीएसपी

इस मामले को गंभीरता से लेते हुए ट्रैफिक डीएसपी श्रीनीरज ने बताया कि मदद के तौर पर किया गया कार्य अपराध की श्रेणी में नहीं आता है. जुर्माना की राशि देने के लिए कार चालक के पास नकद रुपये नहीं थे. इस कारण से पुलिसकर्मी ने चालान काटने के बाद उससे जुर्माना की रकम अपने खाता में लिया. चालान काटने के बाद कुल रकम को हर दिन सरकारी खाते में जमा करना होता है. ऐसे में अवैध वसूली वाली कोई बात नहीं है. इसकी जांच भी की जा चुकी है.

चालक का ड्राइविंग लाइसेंस रद्द किया जायेगा

ट्रैफिक डीएसपी श्रीनीरज ने बताया कि कार चालक संजय सिंह द्वारा शराब पीकर गाड़ी चलाने की बात जांच में सामने आयी है. इस कारण से उसका ड्राइविंग लाइसेंस रद्द किया जायेगा. साथ ही उपायुक्त कार्यालय के सामने गाड़ी खड़ी कर शराब पीने के मामले में भी संबंधित थाना प्रभारी ने लिखित शिकायत दर्ज करायी है.