[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home झारखण्ड जमशेदपुर प्रिंस खान के गुर्गे को जमशेदपुर में मिली जमानत, रंगदारी मांगने के फेर में गया था जेल

प्रिंस खान के गुर्गे को जमशेदपुर में मिली जमानत, रंगदारी मांगने के फेर में गया था जेल

0
प्रिंस खान के गुर्गे को जमशेदपुर में मिली जमानत, रंगदारी मांगने के फेर में गया था जेल
धनबाद का कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान. फाइल फोटो.

जमशेदपुर से कुमार आनंद की रिपोर्ट

Jamshedpur News: झारखंड की कोयलानगरी धनबाद के कुख्यात अपराधी प्रिंस खान के गुर्गे दशरथ शुक्ला को जमशेदपुर के कोर्ट से जमानत मिल गई है. वह एक कारोबारी से रंगदारी मांगने और अवैध तरीके से हथियार रखने के आरोप में जेल गया था. अदालत से जमानत मिलने के बाद जमशेदपुर के कारोबारियों और आम लोगों में एक बार फिर खौफ का माहौल बन गया है.

दो करोड़ की रंगदारी मांगने का मामला

मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी दशरथ शुक्ला ने लकड़ी कारोबारी हरेराम सिंह से दो करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी. इस मामले में कारोबारी के स्टाफ के बयान के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की थी. केस दर्ज होने के बाद पुलिस ने इसे गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की और कई ठिकानों पर छापेमारी की.

गुप्त सूचना पर हुई थी गिरफ्तारी

दशरथ शुक्ला की गिरफ्तारी कुछ महीने पहले रांची और बुंडू पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में हुई थी. पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि आरोपी बुंडू सूर्य मंदिर के पास मौजूद है. इसके बाद घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार किया गया. गिरफ्तारी के दौरान उसके पास से कंट्री मेड पिस्टल, रिवाल्वर समेत कुल छह हथियार और दर्जनों गोलियां बरामद की गई थीं. इस बरामदगी ने मामले को और गंभीर बना दिया था.

घाघीडीह सेंट्रल जेल में था बंद

गिरफ्तारी के बाद से ही दशरथ शुक्ला जमशेदपुर के घाघीडीह सेंट्रल जेल में बंद था. पुलिस ने उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट और रंगदारी से जुड़े विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया था. पूछताछ के दौरान उसके गैंगस्टर प्रिंस खान से संबंधों की भी पुष्टि हुई थी, जिससे जांच का दायरा और बढ़ गया था.

पुलिस की कई राज्यों में छापेमारी

इस मामले में जमशेदपुर के एसएसपी पीयूष पांडेय के निर्देश पर पुलिस ने व्यापक अभियान चलाया था. जमशेदपुर, धनबाद के अलावा उड़ीसा और पश्चिम बंगाल के कई ठिकानों पर छापेमारी की गई. इस दौरान प्रिंस खान गैंग से जुड़े कई गुर्गों को गिरफ्तार किया गया और उनके पास से हथियार भी बरामद किए गए. पुलिस की इस कार्रवाई को बड़ी सफलता माना गया था.

जमानत के बाद बढ़ी पुलिस की सतर्कता

अब जब दशरथ शुक्ला को जमानत मिल गई है, तो पुलिस की सतर्कता और बढ़ गई है. अधिकारियों का कहना है कि आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी और किसी भी तरह की आपराधिक हरकत पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी. वहीं, इस जमानत से पीड़ित पक्ष और स्थानीय व्यापारियों में चिंता का माहौल भी देखा जा रहा है.

इसे भी पढ़ें: रातू में मुंहबोले भाई ने बच्ची की कर दी हत्या, परिवार ने गयाजी में करा दिया अंतिम संस्कार

अपराध नियंत्रण की चुनौती बरकरार

यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि संगठित अपराध और रंगदारी जैसे मामलों से निपटना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है. हालांकि पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है, लेकिन अपराधियों का नेटवर्क अब भी सक्रिय है. ऐसे में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी और सख्त कदम उठाने की जरूरत बनी हुई है.

इसे भी पढ़ें: टेंडर कमीशन घोटाले में दो रिटायर्ड इंजीनियरों ने किया सरेंडर, जमानत पर रिहा

Previous article यूपी में चिराग पासवान का दांव, 403 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान, बदलेंगे सियासी समीकरण?
Next article सरैया के वार्ड चार में बदला नल जल का मोटर, टंकी में भरा पानी
Avatar Of Kumarvishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel