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Home झारखण्ड हजारीबाग डेढ़ महीने से जेल में हजारीबाग के कार्यपालक अभियंता, कर्मचारियों के घर चूल्हा जलाना मुश्किल

डेढ़ महीने से जेल में हजारीबाग के कार्यपालक अभियंता, कर्मचारियों के घर चूल्हा जलाना मुश्किल

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डेढ़ महीने से जेल में हजारीबाग के कार्यपालक अभियंता, कर्मचारियों के घर चूल्हा जलाना मुश्किल
जल संसाधन विभाग के मुख्य गेट पर तालाबंदी कर प्रदर्शन करते कर्मचारी. फोटो: प्रभात खबर

हजारीबाग से आरिफ की रिपोर्ट

Hazaribagh News: झारखंड के हजारीबाग में जल संसाधन विभाग के अधीन कार्यरत 80 से अधिक कर्मचारी पिछले कई दिनों से वेतन नहीं मिलने के कारण गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं. हालत यह है कि कई कर्मचारियों के घरों में राशन खत्म होने की नौबत आ गई है, बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और बीमार परिजनों का इलाज तक कराना मुश्किल हो गया है. वेतन भुगतान में देरी के खिलाफ सोमवार 18 मई को कर्मचारियों का गुस्सा फूट पड़ा. झारखंड राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ (त्रिपाठी गुट) के बैनर तले कर्मचारियों ने मुख्य अभियंता कार्यालय परिसर के मुख्य गेट पर तालेबंदी कर जोरदार प्रदर्शन और नारेबाजी की.

जनपथ संख्या-टू और बरही प्रमंडल के कर्मचारी परेशान

जानकारी के अनुसार, जल संसाधन विभाग के अधीन जनपथ संख्या-टू और बरही प्रमंडल दोनों जगहों पर कर्मचारियों का वेतन बाधित है. इन दोनों कार्यालयों में कार्यरत कर्मचारियों की संख्या 80 से अधिक बताई जा रही है. कर्मचारियों का आरोप है कि समय पर वेतन नहीं मिलने के कारण उनके सामने रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल हो गया है. कई कर्मचारियों ने बताया कि घर का खर्च चलाने के लिए उधार लेना पड़ रहा है. बच्चों की स्कूल फीस, दवा और घरेलू जरूरतों को लेकर परिवार लगातार तनाव में है.

कर्मचारियों ने मुख्य गेट में की तालेबंदी

वेतन भुगतान की मांग को लेकर कर्मचारियों ने सोमवार को उग्र प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने मुख्य अभियंता कार्यालय परिसर के गेट में ताला जड़ दिया और विभागीय अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की. झारखंड राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के प्रदेश संरक्षक सतीश कुमार सिंहा ने कहा कि अधिकारियों की लापरवाही और तानाशाही रवैये का खामियाजा कर्मचारी भुगत रहे हैं. उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को समय पर वेतन देना विभाग की जिम्मेदारी है, लेकिन विभागीय उदासीनता के कारण कर्मचारी आर्थिक और मानसिक संकट में हैं.

कार्यपालक अभियंता की गिरफ्तारी से अटका मामला

पूरे विवाद की जड़ कार्यपालक अभियंता राहुल कुमार मालतो की गिरफ्तारी को माना जा रहा है. राहुल कुमार मालतो जलपथ प्रमंडल संख्या-टू हजारीबाग के साथ-साथ बरही प्रमंडल के भी प्रभारी कार्यपालक अभियंता थे. एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने नौ अप्रैल 2026 को उन्हें रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था. उनके साथ एक सहायक अभियंता को भी गिरफ्तार किया गया था. एसीबी की टीम ने दोनों को 1.75 लाख रुपये रिश्वत लेते पकड़ा था. वर्तमान में दोनों हजारीबाग जेपी केंद्रीय कारा में बंद हैं.

डेढ़ महीने बाद भी नहीं हुआ निलंबन

सबसे बड़ा सवाल यह है कि गिरफ्तारी के डेढ़ महीने बाद भी विभागीय स्तर पर राहुल कुमार मालतो को निलंबित नहीं किया गया है. इतना ही नहीं, उनके स्थान पर किसी दूसरे अधिकारी को कार्यपालक अभियंता का प्रभार भी नहीं सौंपा गया है. नियमों के अनुसार कार्यपालक अभियंता ही अपने कार्यालय के डीडीओ यानी वेतन निकासी एवं व्यय पदाधिकारी होते हैं. ऐसे में किसी दूसरे अधिकारी को प्रभार नहीं मिलने के कारण कर्मचारियों का वेतन भुगतान पूरी तरह बाधित हो गया है.

पहले भी विवादों में रह चुके हैं राहुल मालतो

राहुल कुमार मालतो का नाम इससे पहले भी विवादों में आ चुका है. जानकारी के अनुसार, वह पूर्व में विभागीय कार्यों में लापरवाही के आरोप में निलंबित हो चुके हैं. उस समय राज्य में रघुवर दास के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार थी. हजारीबाग में एक बांध का उद्घाटन मुख्यमंत्री द्वारा किया गया था, लेकिन उद्घाटन के अगले ही दिन बांध टूट गया था. उस परियोजना में राहुल कुमार मालतो प्रभारी कार्यपालक अभियंता थे. घटना के बाद उन पर कार्रवाई भी हुई थी.

घर चलाना हो गया मुश्किल

प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने कहा कि विभागीय लापरवाही की सजा उन्हें भुगतनी पड़ रही है. कर्मचारियों का कहना है कि कई परिवारों के सामने अब खाने-पीने तक का संकट खड़ा हो गया है. कुछ कर्मचारियों ने बताया कि बच्चों की फीस जमा नहीं हो पा रही है, जबकि कई लोग बीमार परिजनों के इलाज के लिए पैसे की व्यवस्था नहीं कर पा रहे हैं. कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द वेतन भुगतान नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा.

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विभाग ने जल्द समाधान का दिया भरोसा

आंदोलन के बाद कर्मचारियों ने मुख्य अभियंता विजय कुमार भगत के समक्ष अपनी समस्या रखी. विभागीय अधिकारियों ने कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि एक-दो दिनों के भीतर कार्यपालक अभियंता के निलंबन की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी. बताया गया कि निलंबन संबंधी फाइल विभागीय मंत्रालय तक पहुंच चुकी है. अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही नए अधिकारी को प्रभार मिलेगा, वेतन भुगतान की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी और कर्मचारियों की समस्या का समाधान कर लिया जाएगा.

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कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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