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Home झारखण्ड हजारीबाग हजारीबाग में कब्रिस्तानों की घेराबंदी और सौंदर्यकरण पर लापरवाही, जांच की मांग

हजारीबाग में कब्रिस्तानों की घेराबंदी और सौंदर्यकरण पर लापरवाही, जांच की मांग

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हजारीबाग में कब्रिस्तानों की घेराबंदी और सौंदर्यकरण पर लापरवाही, जांच की मांग

हजारीबाग से आरिफ की रिपोर्ट 

Hazaribagh News: झारखंड के हजारीबाग जिले में कल्याण विभाग से कराए जा रहे कब्रिस्तानों की घेराबंदी और इसके सौंदर्यीकरण पर करोड़ों रुपये खर्च किया जा रहा है. इसका उद्देश्य समुदायों को सम्मानजनक और सुरक्षित स्थान देना है. वहीं, मौलिक सुविधाओं के विकास के तहत कब्रिस्तान परिसर में बैठने की व्यवस्था, जनाजा शेड, पानी की सुविधा, रास्ते का निर्माण शामिल है. इधर कुछ जगहों पर कब्रिस्तानों की घेराबंदी और इसके इसके सौंदर्यीकरण के निर्माण काम नियम के अनुसार नहीं होने से लोगों ने आवाज उठाया है. इसकी शिकायत जिला प्रशासन से की गई है.

क्या है मामला? 

कुछ चिन्हित जगहों पर पहले से बने पुराने जनाजा शेड की मरम्मती बताकर राशि की निकासी की गई है. इसमें एक मामला कटकमदाग प्रखंड में पसई गांव के कब्रिस्तान से जुड़ा है. यहीं पर कब्रिस्तान की चारदिवारी के नाम पर नियम के खिलाफ ईदगाह में चारदीवारी बनाकर मोटी राशि की निकासी कर इसकी बंदरबांट की गई है. कार्यों के निर्माण में बिल तैयार यानी एमबी बुक करने की जवाबदेही राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम यानी एनआरईपी एजेंसी को मिली थी. 

लिपिक की भूमिका 

कल्याण विभाग कार्यालय में एक लिपिक की भूमिका से लोग परेशान है. प्रखंड स्तर से योजना के चयन के बाद जिला स्तर से राज्य कल्याण विभाग में योजना की सूची भेजने से लेकर इसकी स्वीकृति के बाद धरातल पर योजना आवंटित करने के नाम पर अलग-अलग लाभुक समिति से मोटी रकम की उगाही हो रही है. आरोप है कि लिपिक मनचाहा तरीके से लाभुक समिति से जुड़े लोगों के बीच काम आवंटित कर मोटी रकम वसूलते हैं.

दिए गए निर्देश 

इस मामले में कार्यपालक अभियंता, एनआरईपी हजारीबाग, मनोज कुमार ने कहा कि कुछ योजनाओं के नियम संगत नए निर्माण में लापरवाही की शिकायत पर इसकी जांच हुई है. लाभुक समिति को डाट फटकार लगाया गया है. वहीं, योजनाओं को सही तरीके से धरातल पर उतारने का निर्देश दिया गया है. कटकमदाग प्रखंड के पसई कब्रिस्तान मामले में योजनाओं के निर्माण कार्य पर उभरे विवाद को सलटा लिया गया है.

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श्वेता वैद्य प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हैं. उन्हें कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में एक साल से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में श्वेता झारखंड बीट को कवर कर रही हैं, जहां वह राज्य की ताजा खबरें, लोगों की भलाई से जुड़े मुद्दे, सरकारी योजनाओं, स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक विषयों पर आधारित स्टोरीज तैयार करती हैं. श्वेता की हर बार कोशिश यही रहती है कि बात आसान, साफ और सीधे तरीके से लोगों तक पहुंचे, जिससे कि हर कोई उसे बिना दिक्कत के समझ सके. कंटेंट राइटर के तौर पर उनका फोकस होता है कि कंटेंट सिंपल, रिलेटेबल और यूजर-फ्रेंडली हो. झारखंड बीट से पहले उन्होंने लाइफस्टाइल बीट के लिए भी कंटेंट लिखा. इस बीट में उन्होंने रेसिपी, फैशन, ब्यूटी टिप्स, होम डेकोर, किचन टिप्स, गार्डनिंग टिप्स और लेटेस्ट मेहंदी डिजाइन्स जैसे रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों पर आर्टिकल लिखे.
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