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Home झारखण्ड गुमला पहल परियोजना से औरापाठ के आदिम जनजाति परिवारों को मिल रही नयी दिशा

पहल परियोजना से औरापाठ के आदिम जनजाति परिवारों को मिल रही नयी दिशा

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पहल परियोजना से औरापाठ के आदिम जनजाति परिवारों को मिल रही नयी दिशा

गुमला. उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित के मार्गदर्शन एवं सतत मॉनिटरिंग में आकांक्षी प्रखंड डुमरी के औरापाठ क्षेत्र में नीति आयोग द्वारा पोषित पाथ टू एडवांसमेंट एंड होलिस्टिक एक्शन फॉर लाइवलीहुड इन औरापाठ (पहल) परियोजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है. इस पहल का उद्देश्य विशेष रूप से आदिम जनजाति समुदाय के परिवारों के समग्र एवं स्थायी विकास को सुनिश्चित करना है. परियोजना के प्रथम चरण में बुनियादी सिंचाई ढांचे को सुदृढ़ किया जा रहा है, ताकि आजीविका गतिविधियों की मजबूत आधारशिला तैयार हो सके. लघु सिंचाई विभाग के माध्यम से पाइपलाइन बिछाने, लिफ्ट इरिगेशन, तालाब निर्माण तथा पंपसेट उपलब्ध कराने का कार्य प्रगति पर है. पूरे गांव में जल पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में प्रयास किये जा रहे हैं, जिससे कृषि योग्य भूमि का समुचित उपयोग संभव हो सके. सिंचाई सुविधा मजबूत होने के बाद आजीविका संवर्धन के कार्यों को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है. इसके तहत बकरी पालन, मुर्गी पालन, एजोला घास की खेती, मचान विधि से सब्जी उत्पादन तथा सभी आदिम जनजाति परिवारों को मोरिंगा पौधों का वितरण किया जा रहा है. साथ ही लाभुकों को शेड निर्माण, कृषि एवं गैर-कृषि आधारित टूल किट, बीज, उर्वरक सहयोग, नर्सरी/पॉली हाउस सुविधा एवं अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराये जा रहे हैं. परियोजना अंतर्गत कुल 43 आदिम जनजाति परिवारों को प्रत्यक्ष रूप से कवर करते हुए उन्हें एक वर्ष के भीतर स्थायी रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. इसके अलावा एक यूनिट कोल्ड चेन वैक्सीनेशन सेंटर की स्थापना की भी योजना है, जिससे पशुपालन गतिविधियों को तकनीकी मजबूती मिल सके. जिला योजना पदाधिकारी रमण कुमार ने बताया कि पहल परियोजना केवल आजीविका उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य औरापाठ क्षेत्र का समग्र एवं दीर्घकालिक विकास सुनिश्चित करना है. पहले चरण में सिंचाई अवसंरचना विकसित कर कृषि की संभावनाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है. तत्पश्चात कृषि एवं पशुपालन आधारित गतिविधियों के माध्यम से आदिम जनजाति परिवारों की आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित की जायेगी. जिला योजना विभाग द्वारा परियोजना की नियमित समीक्षा कर इसे प्रभावी ढंग से क्रियान्वित किया जा रहा है.

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