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पहले रोड बनायें, फिर वोट पायें

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पहले रोड बनायें, फिर वोट पायें

जिलिंगसिरा के ग्रामीणों ने नेताओं को गांव में घुसने पर लगायी रोक

घाघरा. घाघरा प्रखंड के जिलिंगसिरा गांव के ग्रामीणों ने रोड नहीं तो वोट नहीं का नारा देते हुए गांव के बाहर बैनर लगा कर राजनीतिक पार्टी के नेताओं को गांव में घुसने पर रोक लगा दी है. पोस्टर में लिखा है कि हम सरकार के खिलाफ नहीं हैं. परंतु 75 साल से हमारे गांव आने-जाने वाली सड़क नहीं बनी है. लंबे समय से हम सभी मांग कर रहे हैं. इसके बाद भी हमलोगों की मांगों को नहीं सुना जा रहा है. इसलिए हम सभी वोट का बहिष्कार करते हुए किसी भी राजनीतिक पार्टी के नेताओं को गांव में घुसने से मना किया है. ज्ञात हो कि घाघरा प्रखंड के जिलिंगसिरा गांव जो घाघरा नेतरहाट मुख्य पथ से लगभग दो किमी अंदर है, जहां तक जाने के लिए मशक्कत का सामना करना पड़ता है. सड़क पर नुकीले पत्थर निकल आये हैं, जिससे पैदल चलने में परेशानी होती है. दुख तो तब होता है, जब किसी बीमार व्यक्ति या प्रसव के दौरान पीड़ित माता को अस्पताल पहुंचाना हो, तो गांव से उठा कर सड़क तक पहले पीड़ित को लाया जाता है. इसके बाद वाहन से प्रखंड मुख्यालय इलाज के लिए पहुंचते हैं. गांव में चालक अपने वाहन लेकर नहीं आना चाहते हैं. क्योंकि वाहन घुसते पंक्चर या खराब हो जाता है. इतना तक की एंबुलेंस भी गांव में घुसना नहीं चाहता है. ग्रामीणों ने कहा कि इन 75 सालों में कई विधायक व सांसद को हमलोगों ने चुना और अपनी मांगें रखीं, पर किसी भी विधायक, सांसद व न ही जिला प्रशासन ने हमलोगों की बात सुनी. अंत में हमलोगों ने हार मान कर वोट बहिष्कार करने का निर्णय लेते हुए किसी भी राजनीतिक पार्टी के नेताओं को गांव में घुसने से मना किया है. मौके पर सोमा उरांव, अमित उरांव, लालसू उरांव, अरविंद उरांव, वासुदेव उरांव, परमा उराइन, रीता उराइन, शीला उराइन, शांति उराइन, फगनी उराइन व गंगी उराइन आदि मौजूद थे.

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