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Home झारखण्ड गुमला बिरसा हरित ग्राम योजना से जुड़े किसानों को मिलेगा बेहतर बाजार

बिरसा हरित ग्राम योजना से जुड़े किसानों को मिलेगा बेहतर बाजार

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बिरसा हरित ग्राम योजना से जुड़े किसानों को मिलेगा बेहतर बाजार

गुमला. उपायुक्त दिलेश्वर महतो की अध्यक्षता में मंगलवार को समाहरणालय सभागार में क्रेता-विक्रेता सम्मेलन का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य जिले में उत्पादित फलों, विशेषकर आम के प्रभावी विपणन, संग्रहण और निर्यात के लिए क्रेताओं व उत्पादकों के बीच समन्वय स्थापित करना था. जिले में मनरेगा अंतर्गत संचालित बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत लगभग 20 हजार एकड़ भूमि पर आम समेत अन्य फलदार पौधों का रोपण किया गया है. योजना के अंतर्गत क्लस्टर आधारित पहचान के माध्यम से 2000 मीट्रिक टन आम्रपाली, मल्लिका, हेमसागर और मालदा आम के निर्यात का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. सम्मेलन में जेएसएलपीएस, प्रदान, नाबार्ड से प्रोत्साहित किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) समेत अन्य संस्थाओं के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी (सीइओ), बोर्ड सदस्य और दीदियों की भूमिका पर विशेष चर्चा हुई. इनके माध्यम से बिरसा हरित ग्राम योजना से जुड़े किसानों से आम का संग्रहण, पैकेजिंग और निर्यात सुनिश्चित किया जायेगा. विभिन्न प्रखंडों और राज्य के अन्य जिलों से पहुंचे क्रेताओं ने निर्यात के लिए उच्च गुणवत्ता वाले फलों पर विशेष जोर दिया. उपायुक्त ने कहा कि सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य जिले के उत्पादन को बेहतर बाजार से जोड़ना है. उन्होंने बताया कि एफपीओ व अन्य संस्थाएं सीधे किसानों के बागानों से फल संग्रहित कर झारखंड समेत अन्य राज्यों के बाजारों तक पहुंचायेंगी, जिससे किसानों को बेहतर आय मिलेगी. उपायुक्त ने बताया कि इस वर्ष आम की बिक्री से जिले के किसानों को लगभग चार से पांच करोड़ रुपये की आय होने की संभावना है. उन्होंने सभी क्रेता और विक्रेताओं को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पहल किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी. उपायुक्त ने भविष्य की योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि आम बागवानी की सफलता को देखते हुए अब सीताफल और नाशपाती जैसे फलों को भी प्रोत्साहित किया जायेगा. विशेष रूप से पाट क्षेत्र में इन फसलों को बढ़ावा देकर किसानों की आय में निरंतर वृद्धि सुनिश्चित करने का प्रयास किया जायेगा.

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