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Home झारखण्ड गोड्डा एक वर्ष से खराब पड़ा सोलर जलमीनार, पेयजल संकट से जूझ रहे ग्रामीण

एक वर्ष से खराब पड़ा सोलर जलमीनार, पेयजल संकट से जूझ रहे ग्रामीण

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एक वर्ष से खराब पड़ा सोलर जलमीनार, पेयजल संकट से जूझ रहे ग्रामीण

ठाकुरगंगटी प्रखंड क्षेत्र की माल मंडरो पंचायत के माल मंडरो गांव में इन दिनों पेयजल संकट गहरा गया है. गांव के मध्य विद्यालय के समीप स्थापित सोलर जलमीनार पिछले एक वर्ष से खराब पड़ा हुआ है, जिससे ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत किये जाने के बावजूद संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों ने अब तक कोई पहल नहीं की है. ग्रामीण ललन जायसवाल, मनोज जायसवाल, सुनील कुमार साह, श्रवण बर्मा, गुड्डू साह, कुंदन भगत एवं उत्तम भगत ने बताया कि जलमीनार खराब होने के बाद से गांव में पेयजल की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गयी है. भीषण गर्मी के बीच लोगों को पीने के पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लाखों रुपये खर्च कर जलापूर्ति योजना संचालित की गयी थी, लेकिन रखरखाव के अभाव में इसका लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है. ग्रामीणों के अनुसार, जलमीनार के खराब होने की सूचना कई बार संबंधित विभाग एवं पंचायत प्रतिनिधियों को दी गयी, लेकिन अब तक इसकी मरम्मत नहीं करायी गयी. उनका कहना है कि योजनाओं को केवल धरातल पर उतारकर औपचारिकता पूरी कर दी जाती है, जबकि बाद में उनके रखरखाव की कोई व्यवस्था नहीं रहती.

पहले मिलती थी राहत, अब बनकर रह गया शोपीस

ग्रामीणों ने बताया कि जलमीनार के निर्माण के बाद कई वर्षों तक गांव के लोगों को नियमित रूप से पानी मिलता था. आसपास की महिलाएं आसानी से घरेलू उपयोग के लिए पानी भर लेती थीं. वहीं, राहगीर और स्कूली बच्चे भी इसका लाभ उठाते थे. लेकिन अब यह जलमीनार केवल शोपीस बनकर रह गया है. उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी को देखते हुए कई बार इसकी मरम्मत की मांग की गयी, ताकि लोगों को राहत मिल सके, लेकिन विभागीय उदासीनता के कारण समस्या जस की तस बनी हुई है. ग्रामीणों के अनुसार, गांव के लगभग 50 परिवारों की 300 से अधिक आबादी इस जलमीनार पर निर्भर थी. इसके खराब होने के कारण लोगों को पीने और घरेलू उपयोग के लिए अन्य स्रोतों से पानी की व्यवस्था करनी पड़ रही है. कई बार पानी की कमी के कारण घरों में भोजन बनाने तक की समस्या उत्पन्न हो जाती है. ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र के कई गांवों में भी इसी प्रकार की स्थिति बनी हुई है. विभागीय उदासीनता के कारण ग्रामीणों को दूर-दराज के स्रोतों से पानी लाना पड़ता है. आर्थिक रूप से कमजोर ग्रामीणों के लिए पानी खरीदकर उपयोग करना संभव नहीं है. ऐसे में उन्होंने संबंधित विभाग से अविलंब जलमीनार की मरम्मत कर पेयजल आपूर्ति बहाल करने की मांग की है.

क्या कहते है अधिकारी

हमें मामले की जानकारी नहीं थी. जल्द ही खराब पड़े जलमीनार को दुरुस्त करवाने का काम किया जाएगा ताकि ग्रामीणों को थोड़ी राहत मिल सके.

-विजय कुमार मंडल, बीडीओ (ठाकुरगंगटी)

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