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Home झारखण्ड गोड्डा बच्चे कैसे पहुंचेंगे स्कूल, थमा दी गयी पंचर और चैन टूटी साइकिलें

बच्चे कैसे पहुंचेंगे स्कूल, थमा दी गयी पंचर और चैन टूटी साइकिलें

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बच्चे कैसे पहुंचेंगे स्कूल, थमा दी गयी पंचर और चैन टूटी साइकिलें

जिले के बसंतराय प्रखंड में छात्र-छात्राओं को बांटी गयी साइकिलें कई छात्रों के काम नहीं आ रही है. साइकिल को लेने के बाद बच्चों को लगातार मरम्मत को लेकर दुकान जाना पड़ता है. स्थिति यह है कि बच्चे साइकिल लेने के बाद चढ़कर जाने के बजाय पैदल लुढ़का कर आते-जाते दिख रहे हैं. दरअसल, किसी साइकिल की चैन टूटी हुई थी, तो कोई साइकिल पंक्चर हालत में है. सुदूर क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं को झारखंड सरकार की योजना कल्याण विभाग की ओर से साइकिल वितरण किया गया है. योजना से लाभान्वित होने वाले छात्र-छात्राओं को उम्मीद थी कि वे आसानी से अपने स्कूल जा सकेंगे. मगर उनकी उम्मीदों को झटका लगा है. छात्रों की मानें तो दरअसल ज्यादातर बच्चों को पंचर व टूटी चैन वाली साइकिल थमा दी गयी है, जिससे बच्चों की मुश्किलें बढ़ गयी है. जिम्मेदार अधिकारी अपनी गलती मानने को तैयार नहीं है. बच्चों को जो साइकिल वितरित की गयी थी, वह साइकिल पूरी तरह से पंचर बतायी गयी है. टायर में हवा भी नहीं थी, तो कुछ साइकिलों की चैन भी पूरी तरीके से टूटी हुई थी. प्रखंड प्रभारी कल्याण पदाधिकारी निरंजन कुमार ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024 25 में अब तक 956 साइकिल वितरित की गयी है. वही कुल 1829 का लक्ष्य है. मामले को लेकर उनके द्वारा कुछ भी कहने से इंकार कर दिया गया है. प्रमुख अंजर अहमद ने कहा कि साइकिल का संवेदक और कल्याण विभाग के मिली भगत से सरकारी राशि का बंदरबांट किया जा रहा है. उच्च स्तरीय समिति गठित कर जांच की जानी चाहिये. जिप सदस्य अरसद वहाब ने कहा कि लगातार स्कूली बच्चों और अभिभावकों द्वारा शिकायत मिल रही है. विभाग की ओर से दी जाने वाली साइकिलें पूरी तरह से गडबड सामग्री वाली है. चलते साइकिल मिलने के साथ ही रिपेयरिंग के लिए मिस्त्री के पास जाना पड़ता. बच्चों कि जेब से सौ दो सौ खर्च करना पड़ता है. मामले को जिला परिषद की बैठक में पुरजोर तरीके से उठाया जाएगा.

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