नायके ने विधि विधान से पूजा करवायी. लोगों के बीच बाहा का वितरण किया गया. बाहा को सभी ने अपने माथे से लगाया. इसके बाद नृत्य करते हुए सभी बस स्टैंड से निकलकर झंडा मैदान पहुंचे. झंडा मैदान में मांदर की थाप पर आदिवासी समुदाय के युवक-युवतियों ने नृत्य प्रस्तुत कर लोगों को मन मोह लिया.