Giridih News :जो प्रभु का दामन थामते हैं, भगवान उनकी लाज रखते हैं : राजेंद्र दास

एफसीआई रोड सरिया स्थित शौंडिक धर्मशाला में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के छठे दिन रुक्मिणी विवाह की झांकी ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया.

By PRADEEP KUMAR | June 4, 2026 10:58 PM

इसके पूर्व आयोजक परिवार ने व्यास पीठ पर विराजमान भगवान श्री कृष्ण तथा व्यास जी महाराज की पूजा की. श्रीधाम वृंदावन से आये राजेंद्र दास महाराज ने श्रद्धालुओं को रास लीला तथा रुक्मिणी विवाह का वर्णन किया. कहा कि रुक्मिणी विवाह प्रेम, अटूट विश्वास और समर्पण का वह पावन प्रसंग है, जो हमें सिखाता है कि जब भक्ति पूर्ण श्रद्धा से प्रभु को पुकारता है, तो वह स्वयं उसकी रक्षा के लिए दौड़े चले आते हैं. रुक्मिणी का चरित्र सिखाता है कि जब हम संसार की परवाह किये बिना प्रभु का दामन थमते हैं, तो ईश्वर हमारी लाज अवश्य रखते हैं. ईश्वर किसी मंदिर, कर्मकांड या दिखावे के भूखे नहीं हैं. गोपियों ने भगवान श्री कृष्ण से उन्हें पति के रूप में पाने की इच्छा प्रकट की थी.

भगवान श्री कृष्ण ने गोपियों की कामना को पूरी करने का वचन दिया था

भगवान श्री कृष्ण ने गोपियों की कामना को पूरी करने का वचन दिया. अपने वचन को पूरा करने के लिए भगवान ने महारास का आयोजन किया. इसके लिए शरद पूर्णिमा की रात को यमुना तट पर गोपियों को मिलने के लिए कहा. सभी गोपियां सजधज कर नियत समय पर यमुना तट पर पहुंच गयीं. कृष्ण की बांसुरी की धुन सुनकर सभी गोपियां अपनी सुद-बुध खोकर कृष्ण के पास पहुंच गयी. कृष्ण से प्रेम करने का भाव तो जगा. परंतु, यह पूरी तरह वासना रहित था. भगवान ने एक अद्भुत लीला दिखायी. जितनी गोपियां थीं उतने ही कृष्ण के प्रतिरूप भगवान प्रकट हो गये. सभी गोपियों को भगवान मिल गये. पश्चात दिव्य नृत्य एवं प्रेम आनंद शुरू हुआ.

आयोजन में ये हैं सक्रिय

संचालन में आयोजक मंडली के संतोष अग्रवाल, सुभाष अग्रवाल, संजय, सत्यनारायण अग्रवाल, अमित, परी, पुतुल, हर्ष, उमंग अग्रवाल साकेत, रेशमी देवी,उत्सव अग्रवाल, कंचन, बबीता, रितु अग्रवाल, तमन्ना, राधिका, रेनू, अनुराधा अग्रवाल, राखी अग्रवाल आदि की सराहनीय भूमिका रह रही है.