103 एकड़ जमीन में निषेधाज्ञा के बाद भी निर्माण कार्य जारी

बिरनी प्रखंड के अरारी पंचायत के अंतर्गत मौजा अरारी का मामला

By Prabhat Khabar News Desk | April 24, 2024 12:06 AM

बिरनी.

बिरनी प्रखंड के अरारी पंचायत के अंतर्गत मौजा अरारी में 103 एकड़ जमीन पर किसी भी प्रकार से जोत कोड़, घर बनाने पर पूर्ण तरीके से रोक लगाने के बावजूद लोग जैसे तैसे उक्त जमीन पर मकान बनाने का काम कर रहे हैं. लोगों में अधिकारी का भय नहीं दिख रहा है. ज्ञात हो कि बिरनी सीओ सारांश जैन ने अपने कार्यालय के ज्ञापांक 320 दिनांक 21 मार्च 2024 के तहत आम इश्तेहार निकाल कर अरारी मौजा के अंतर्गत खाता संख्या 44 प्लाट संख्या 05 रकबा 103 एकड़ 50 डिसमिल जमीन सर्वे खतियान के अनुसार ग़ैरमजरूआ खास खाता जमीन किस्म जंगल झाड़ पहाड़ पठार दर्ज की बात कहते हुए उक्त जमीन पर झारखंड पब्लिक लैंड इनक्रॉचमेंट एक्ट की सुंसगत धाराओं के तहत निषेधाज्ञा लगाते हुए किसी भी तरह की कार्य करने, ट्रेंच काटने व निर्माण कार्य पर रोक लगा दी है. साथ ही जमीन पर किसी के द्वारा निर्माण कार्य करने या फिर ट्रेंच काटने पर उसके विरुद्ध 188 के तहत दंडनात्मक कार्रवाई की बात कही गयी है, बावजूद लोग कार्य कर रहे हैं.

बता दें कि जिस जमीन पर बिरनी सीओ सारांश जैन ने निषेधाज्ञा लगायी है, उक्त जमीन पर वर्षों पूर्व से लोग घर मकान बनाकर रहते आ रहे हैं. कुछ लोग नया मकान भी बना रहे हैं तो कुछ लोग नया कार्य करने का प्रयास कर रहे हैं.

रैयतों के साथ हो रही है नाइंसाफी :

रैयतदार अशोक रजक ने बताया कि उन्हें अरारी के जमींदार जो वर्तमान में बरहमसिया में निवास कर रहे हैं, उनके द्वारा दो अलग-अलग हुक्मनामा से 4.21 डिसमिल व 3.40 डिसमिल जमीन प्राप्त है. उक्त दोनों जमीन का जमींदारी प्रथा से रसीद प्राप्त है. साथ ही 3 एकड़ 40 डिसमिल जमीन का बिरनी अंचल से ऑनलाइन रसीद कट रहा है. जबकि 4 एकड़ 21 डिसमिल जमीन का वर्ष 2018 तक ऑफलाइन रसीद निर्गत है. ऑनलाइन चढ़ा हुआ है. वन विभाग के द्वारा लिखित रूप से दिया गया है कि उक्त जमीन वन विभाग की नहीं है. जब लगातार अंचल से रसीद काटा जा रहा है तो फिर निषेधाज्ञा कैसे लगायी गयी. यह रैयतदारों के साथ नाइंसाफी है. वहीं अजीत साव ने बताया कि गिरीश राय से मुकेश मोदी केवाला से जमीन खरीद कर वर्ष 2016 तक रसीद कटवाया है. इसके बाद मुकेश मोदी से हमलोग जमीन खरीद कर मकान बना रहे हैं. इसी प्रकार कई लोगों के पास जमीन संबंधी कागजात उपलब्ध है. वहीं सीओ सारांश जैन ने बताया कि उक्त जमीन पर निषेधाज्ञा लगाते हुए आम इश्तेहार निकालकर किसी भी तरह का कार्य करने पर रोक लगायी गयी है. बावजूद अगर जमीन पर किसी तरह का काम कराया जा रहा है तो उसके खिलाफ जांच करा कर विधि सम्मत कार्रवाई की जायेगी.