[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home झारखण्ड गढ़वा गढ़वा: अभिषेक भारद्वाज के 5 दिन के आंदोलन के आगे झुका प्रशासन, आज से साफ होगी सरस्वती नदी

गढ़वा: अभिषेक भारद्वाज के 5 दिन के आंदोलन के आगे झुका प्रशासन, आज से साफ होगी सरस्वती नदी

0
गढ़वा: अभिषेक भारद्वाज के 5 दिन के आंदोलन के आगे झुका प्रशासन, आज से साफ होगी सरस्वती नदी
गढ़वा :-आंदोलकारी के साथ गढ़वा एसडीएम

गढ़वा से अविनाश की रिपोर्ट 

Garhwa News : कहते हैं कि अगर इरादे फौलादी हों और मकसद में सच्चाई हो, तो कारवां खुद-ब-खुद बन जाता है और बड़ी से बड़ी व्यवस्था को भी झुकना पड़ता है. ऐसा ही कुछ कर दिखाया है गढ़वा के युवा अभिषेक भारद्वाज ने. गढ़वा की जीवनदायिनी सरस्वती नदी को बचाने के लिए रंका मोड़ की तपती धूप में अकेले तख्ती लेकर शुरू हुआ उनका ‘एकल सत्याग्रह’ पांचवें दिन जीत के साथ समाप्त हुआ.

आंदोलन समाप्ति और प्रशासनिक आश्वासन 

गढ़वा के एसडीएम संजय कुमार के ठोस आश्वासन के बाद अभिषेक ने अपना आंदोलन समाप्त किया. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आज यानी 23 मई से ही सरस्वती नदी की सफाई की प्रक्रिया धरातल पर शुरू कर दी जाएगी.

रंका मोड़ पर 5 दिनों का संघर्ष

पिछले पांच दिनों से गढ़वा के लोग रंका मोड़ पर एक अनोखा और हैरान कर देने वाला नजारा देख रहे थे. मई महीने की इस भीषण और प्रचंड धूप में, जहां आम लोग चंद मिनट भी खड़े नहीं हो पाते, वहां युवा अभिषेक भारद्वाज अकेले हाथों में तख्ती थामे अडिग खड़े रहे. शुरुआत में कई लोगों को लगा कि एक अकेला युवक प्रशासन से कैसे लड़ेगा, लेकिन अभिषेक के इस मौन और दृढ़ संकल्प ने पूरे गढ़वा की अंतरात्मा को झकझोर कर रख दिया. देखते ही देखते सोशल मीडिया से लेकर चौक-चौराहों तक अभिषेक की इस मुहिम को गढ़वा की जनता का अपार समर्थन मिलने लगा, यहां तक की पूर्व मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने भी समर्थन दिया. इसके अलावा, भारत करणी सेना गढ़वा जिला युवा इकाई के अध्यक्ष शुभम सिंह, आजसू जिलाध्यक्ष दीपक शर्मा सहित बड़ी संख्या में लोगों ने साथ दिया. 

प्रशासनिक जुड़ाव और भविष्य की योजना

इस जन-आंदोलन की सफलता इसलिए भी तय मानी जा रही है क्योंकि वर्तमान एसडीएम संजय कुमार का इस नदी से पुराना और गहरा जुड़ाव रहा है. वो इससे पहले गढ़वा में नगर पर्षद के कार्यपालक पदाधिकारी के रूप में अपनी सेवा दे चुके हैं. अपने उस कार्यकाल के दौरान उन्होंने ही सबसे पहले सरस्वती नदी की सफाई अभियान की शुरुआत कराई थी. प्रशासनिक फेरबदल के बाद जो फाइलें ठंडे बस्ते में चली गई थीं, वे अब एसडीएम के निर्देश पर फिर से खुलेंगी. वे इस पूरी योजना से वाकिफ हैं, इसलिए अब नदी को अतिक्रमण और गंदगी से मुक्ति दिलाना आसान होगा. 

जनता की सराहना और भविष्य की उम्मीद 

एसडीएम  से मिले त्वरित और सकारात्मक निर्णय के बाद अभिषेक भारद्वाज और गढ़वा की समस्त जनता ने प्रशासनिक संवेदनशीलता की सराहना की है.अभिषेक भारद्वाज ने कहा कि सरस्वती नदी का बहता पानी ही गढ़वा का आने वाला कल है. एसडीएम ने हमारी मांग को गंभीरता से सुना और तुरंत एक्शन लिया, इसके लिए उनका सहृदय धन्यवाद. गढ़वा की जनता को उनकी कार्यशैली पर पूरा भरोसा है. यह सिर्फ एक सफाई अभियान नहीं, बल्कि गढ़वा के कल को सुरक्षित करने की शुरुआत है.

संघर्ष की जीत और सरस्वती नदी के पुनर्जीवन की उम्मीद

अभिषेक भारद्वाज के इस 5 दिनों के कड़े संघर्ष ने साबित कर दिया कि “संघर्ष कभी बेकार नहीं जाता. अब जब प्रशासन ने कदम बढ़ा दिए हैं, तो गढ़वा के प्रबुद्ध नागरिकों ने भी इस ऐतिहासिक कार्य में प्रशासन और इस युवा सोच का पूरा सहयोग करने का संकल्प लिया है, जिससे सरस्वती नदी एक बार फिर अपने पुराने स्वरूप और सम्मान के साथ अविरल बह सके.

यह भी पढ़ें: बिरसा मुंडा जेल की महिला बंदी के गर्भवती होने के मामले पर हाईकोर्ट सख्त, डीजीपी से मांगा जवाब

यह भी पढ़ें: झारखंड हाईकोर्ट से आलमगीर आलम को झटका, टेंडर कमीशन घोटाले में डिस्चार्ज याचिका खारिज

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel