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श्रम कानूनों के विरोध में एलआइसीकर्मियों किया प्रदर्शन

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श्रम कानूनों के विरोध में एलआइसीकर्मियों किया प्रदर्शन

दुमका नगर. अखिल भारतीय बीमा कर्मचारी संघ के आह्वान पर भारतीय जीवन बीमा निगम दुमका के सभी कर्मचारी गुरुवार को केंद्र सरकार की श्रम कानूनों एवं अन्य नीतियों के विरोध में हड़ताल पर रहे. हड़ताल के कारण दुमका स्थित एलआइसी शाखा कार्यालय पूरे दिन बंद रही. इस दौरान कर्मचारियों ने शाखा परिसर में धरना देकर विरोध प्रदर्शन किया. हड़ताल का असर कुछ बैंकों की शाखाओं में भी आंशिक रूप से देखा गया. कर्मचारियों ने केंद्र सरकार द्वारा लाये गये चार नये श्रम कानूनों का विरोध करते हुए कहा कि इसके तहत काम के घंटे सात से बढ़ाकर बारह घंटे करने का प्रावधान किया गया है. संगठन बनाने की शक्ति को कमजोर किया जा रहा है. अधिकांश वैतनिक कर्मचारियों को मजदूर की श्रेणी से बाहर रखा जा रहा है. स्थायी कर्मचारियों के स्थान पर संविदा कर्मियों की बहाली का भी विरोध किया गया. एलआइसीकर्मियों ने तृतीय एवं चतुर्थ वर्ग कर्मचारियों की जल्द बहाली और पुरानी पेंशन नीति लागू करने की मांग रखी. हड़ताल में शाखा अध्यक्ष रामजीत हेंब्रम, बेस सचिव कुमार सुरेंद्र सौरभ समेत कई कर्मी शामिल थे. रसोइया संघ ने फूलो-झानो चौक किया जाम, सौंपा ज्ञापन झारखंड राज्य विद्यालय रसोइया संघ जिला इकाई दुमका के बैनर तले गुरुवार को देशव्यापी हड़ताल के तहत फूलो-झानो चौक के पास दुमका-पाकुड़ मुख्य मार्ग को लगभग दो घंटे तक जाम किया गया. जाम के बाद आम बगीचा के नीचे धरना प्रदर्शन किया गया. इसके पश्चात प्रधानमंत्री के नाम उपायुक्त दुमका को पंद्रह सूत्री मांग पत्र सौंपा गया. संघ की जिला महासचिव सह राज्य उपाध्यक्ष भुंडा बास्की ने कहा कि 44 श्रम कानूनों को समाप्त कर मजदूर विरोधी चार श्रम कोड लागू किए गए हैं, जिन्हें अविलंब रद्द किया जाना चाहिए. रसोइयों को न्यूनतम मजदूरी और सरकारी कर्मी का दर्जा देने की मांग दोहराई गई. धरना में सैकड़ों रसोइया कर्मी उपस्थित थे.दुमका-पाकुड़ रोड को रखा एक घंटे रखा जाम सीटू सहित कई मजदूर संगठनों द्वारा देशव्यापी आम हड़ताल के समर्थन में दुमका के किसान सभा एवं आदिवासी अधिकार मंच सीटू के संयुक्त बैनर में ग्राम नकटी के समीप पास घंटे तक रोड जाम किया गया. चार लेबर कोड रद्द करने, एमएसपी की कानूनी गारंटी देने, वीबी जी राम जी को वापस लेने, सभी के लिए खाद्य स्वास्थ्य शिक्षा और आवास की गारंटी सुनिश्चित करने, बीमा विधायक 2025 तथा विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक 2025 को अविलंब वापस लेने की मांग की गयी. सड़क जाम का नेतृत्व किसान सभा के संयुक्त सचिव एहतेशाम अहमद ने किया. इसके साथ आदिवासी अधिकार मंच के जिला सचिव देवी सिंह पहाड़िया, आदिवासी अधिकार मंच के अध्यक्ष पीटर हेंब्रम एवं जिला किसान सभा के सचिव सनातन देहरी के साथ जर्मन देहरी, लाल देव देहरी, रितु लाल देहरी, नीम धनतुरी, विष्णु राणा, मुनकी देवी, शिवरात्रि देवी, उमा देवी आदि दर्जनों लोग शामिल थे. सड़क पर उतरे सीपीआइ कार्यकर्ता, एनएच-133 पर को किया जाम सरैयाहाट. एनएच-133 देवघर–हंसडीहा मुख्य मार्ग पर सरैयाहाट नवदुर्गा मंदिर के समीप भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के बैनर तले श्रमिकों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल के तहत गुरुवार को सड़क जाम किया गया. प्रखंड अध्यक्ष राजकुमार कापरी के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की और करीब आधे घंटे तक मुख्य मार्ग अवरुद्ध रखा. जाम के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गयी. सूचना पर पहुंची थाना पुलिस ने वार्ता कर जाम हटवाया. प्रदर्शनकारियों ने चार श्रम संहिताएं रद्द करने, रोजगार, न्यूनतम मजदूरी, एमएसपी, सामाजिक सुरक्षा, पेंशन सहित अन्य मांगें उठाईं. पूरा क्रशर व्यवसाय रहा प्रभावित शिकारीपाड़ा. शिकारीपाड़ा थाना क्षेत्र में केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में पत्थर खदान और क्रशर बंद रहे. मजदूरों ने इस नीति का जमकर विरोध किया. साथ ही केंद्र सरकार के विरोध में जमकर नारेबाजी की. साथ ही सभी कानूनों को वापस लेने की मांग भी की. इसके अलावा मजदूरों को उनके हक देने और सारे पूराने नीतियों को वापस लागू करने की भी मांग की.

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