[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home झारखण्ड दुमका वर्षों बाद हुए पाताल बाबा के दर्शन, दुमका के बासुकिनाथ शिवगंगा में उमड़ा आस्था का जनसैलाब

वर्षों बाद हुए पाताल बाबा के दर्शन, दुमका के बासुकिनाथ शिवगंगा में उमड़ा आस्था का जनसैलाब

0
वर्षों बाद हुए पाताल बाबा के दर्शन, दुमका के बासुकिनाथ शिवगंगा में उमड़ा आस्था का जनसैलाब
बासुकिनाथ शिवगंगा कुंड में पाताल महादेव की पूजा अर्चना करते श्रद्धालुओं की भीड़

दुमका से आदित्यनाथ पत्रलेख की रिपोर्ट

Basukinath Temple Dumka, दुमका: ज्येष्ठ माह के अधिकमास के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि पर बासुकिनाथ स्थित शिवगंगा कुंड में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला. शिवगंगा की सफाई के दौरान कुंड की तलहटी में विराजमान स्वयंभू पाताल महादेव (पाताल बाबा) के प्रकट होते ही दर्शन और पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. बुधवार को सुदूर ग्रामीण इलाकों से पहुंचे हजारों भक्तों ने कतारबद्ध होकर भगवान पाताल महादेव के दर्शन किए और सुख-समृद्धि की कामना की.

वैदिक मंत्रोच्चार और षोडशोपचार विधि से हुआ पूजन

लंबी प्रतीक्षा के बाद पाताल महादेव के साक्षात दर्शन होने से शिव भक्तों में भारी उत्साह देखा गया. मंदिर के पुजारियों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच षोडशोपचार विधि से भगवान का विशेष पूजन और भव्य श्रृंगार कराया गया. सुरक्षा बलों की सख्त मौजूदगी में श्रद्धालुओं ने बेहद सुगमतापूर्वक कुंड में उतरकर जलार्पण किया. श्रद्धालुओं का कहना था कि शिवगंगा में पुनः जल भर जाने के बाद पता नहीं कब उन्हें फिर से पाताल महादेव के दर्शन और कुंड में संकीर्तन का यह दुर्लभ अवसर प्राप्त होगा.

Also Read: सिमडेगा में जलापूर्ति योजना के 123 पाइप चोरी करने आए 2 चोर गिरफ्तार, 2 ट्रक जब्त

300 वर्ष पुराना है पाताल बाबा का इतिहास

बासुकिनाथ शिवगंगा की तलहटी में स्थित यह प्राचीन कुंड करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का मुख्य केंद्र है. इतिहास की मान्यताओं के अनुसार, लगभग 300 वर्ष पूर्व यहां यह स्वयंभू शिवलिंग प्रकट हुआ था, जिन्हें स्थानीय लोग ‘पाताल बाबा’ कहते हैं. ये अमूमन हमेशा जलमग्न रहते हैं और वर्षों बाद शिवगंगा की सफाई के समय ही इनके दर्शन होते हैं. स्थानीय लोगों और भक्तों के बीच यह अटूट मान्यता है कि वर्षों तक पानी के अंदर डूबे रहने के बावजूद बाबा पर चढ़ाई गई पुरानी पूजन सामग्री (बिल्वपत्र, पुष्प, अबीर) सड़ती-गलती नहीं है और पूरी तरह सुरक्षित रहती है. कुंड का पानी सूखने पर जब बाबा दिखते हैं, तो ऐसा लगता है मानो आज ही उनका श्रृंगार किया गया हो. श्रद्धालु इसे भगवान की दिव्य महिमा मानते हैं.

हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजा फौजदारीनाथ दरबार

पाताल बाबा के दर्शनों के साथ-साथ प्रसिद्ध बाबा फौजदारीनाथ मंदिर में भी दिनभर भक्तों का तांता लगा रहा. श्रद्धालुओं ने बाबा भोलेनाथ को फूल, बेलपत्र, भांग, धतूरा और पुष्पमालाएं अर्पित कीं. महाआरती के दौरान घड़ी-घंटा, डमरू और शंखनाद की गूंज से पूरा शिवगंगा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूब गया. भक्तों द्वारा लगाए गए ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयघोष से पूरा माहौल शिवमय हो उठा.

Also Read: एसआईआर पर झामुमो की बैठक में बोले सुदिव्य कुमार सोनू, भाजपा जनता को कर रही है गुमराह

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel