जिले में डिजिटल स्वास्थ्य पहचान के लिए बनाये जाने वाले आभा कार्ड का कवरेज अपेक्षा से काफी कम है. जिले में अब तक केवल 15,50,000 हजार आभा कार्ड ही बनाये जा सके हैं, जो कुल आबादी का लगभग 46.66 प्रतिशत है. वहीं स्कैन एंड शेयर सुविधा की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है. इस धीमी प्रगति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग अब अभियान मोड में आ गया है. उप विकास आयुक्त के निर्देश पर जिले में एक माह का विशेष अभियान चलाया जायेगा. इसमें अस्पतालों, स्वास्थ्य उपकेंद्रों, सहिया और सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) को प्रतिदिन निर्धारित लक्ष्य पूरा करना होगा.
सभी अस्पतालों को मिला लक्ष्य, तय हुई जवाबदेही
विशेष अभियान के तहत प्रत्येक सरकारी अस्पताल के ओपीडी में प्रतिदिन कम से कम 15 आभा कार्ड बनाने का लक्ष्य तय किया गया है. इसके अलावा प्रत्येक सहिया को प्रतिदिन 10 तथा प्रत्येक सीएचओ को प्रतिदिन 15 आभा कार्ड बनाने की जिम्मेदारी दी गयी है. स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार अस्पतालों में आने वाले मरीजों और ग्रामीण क्षेत्रों में जनसंपर्क के माध्यम से अभियान को गति दी जाएगी.