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जयंती पर याद किये गये कवि सूर्यकांत त्रिपाठी निराला

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जयंती पर याद किये गये कवि सूर्यकांत त्रिपाठी निराला

मधुपुर. शहर के भेडवा नवाडीह स्थित राहुल अध्ययन केंद्र में महान क्रांतिकारी कवि सूर्यकांत त्रिपाठी निराला की जयंती पर उन्हें याद किया गया. साथ ही विश्व मातृभाषा दिवस व रेड बुक डे को साम्राज्यवादी विरोधी दिवस के रूप में मनाया गया. उपस्थित लोगों ने निराला की तस्वीर पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किया. इस अवसर पर धनंजय प्रसाद ने कहा कि आधुनिक हिन्दी साहित्य के सर्वोत्तम प्रतिभा सूर्यकांत त्रिपाठी निराला थे. उनकी काव्य में क्रांतिकारी की झलक दिखती है. निराला छायावाद के प्रमुख स्तंभों में से एक व प्रगतिशील, यथार्थवादी कविता के सूत्रधार थे. निराला की काव्य इस युग के सर्वश्रेष्ठ काव्य में से एक थे. उन्होंने छंदमुक्त कविता की शुरुआत की. कहा कि मातृभाषा के विकास के बिना राष्ट्रीय भाषा का विकास संभव नहीं है. भाषा सिर्फ सूचना प्रसारण का माध्यम नहीं होती है बल्कि सभ्यता व संस्कृति की आंख व वाहक होती है. आज अधिकांश मातृभाषाएं विलुप्ति के कगार पर और इसे जीवित रहने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि आज रेड बुक डे है. 178 वर्ष पूर्व हुआ था. इस दिवस को पूरे देश में साम्राज्यवाद विरोधी दिवस के मनाया जा रहा है. अन्य लोगों ने भी अपने विचार व्यक्त किया.

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