: वजन मिलान की गड़बड़ी से डीएमओ चालान बंद टंडवा. आरटीओ विभाग की एक गलती से पूरे झारखंड की कोल परियोजना के कोयला डिस्पैच पर संकट खड़ा हो गया है. विभाग द्वारा डीएमओ चालान को जैम पॉर्टल से जोड़ दिया गया है, जिसमें गाड़ियों के खाली वजन की जानकारी दी गयी है. जिसके कारण गाड़ियां जब कांटा घर में जाती है, तो जैम पोर्टल से उसका वजन मिलान किया जाता है. वजन में थोड़ी गड़बड़ी होने पर डीएमओ चालान नहीं निकल रहा है. अब समस्या यह उत्पन्न हो रही है कि जब नयी गाड़ी खरीदी जाती है, तब उसका वजन आरटीओ में फीड किया जाता है, वही गाड़ी जब पुरानी हो जाती है, तो उसके वजन में अंतर हो जाता है. ऐसे में आरसी का जैम पोर्टल से लिंक होने के कारण वजन में थोड़ा बहुत अंतर होने से डीएमओ चालान नहीं निकल रहा है. डीएमओ नहीं निकलने ले कारण कोयला डिस्पैच नहीं हो पा रहा है, आम्रपाली कोल परियोजना में सैकड़ों गाड़िया जहां-तहां खड़ी हैं. बताया गया कि आम्रपाली कोल परियोजना में प्रतिदिन लगभग 60 हजार टन डिस्पैच होता है, लेकिन इस नये फरमान से तीन दिनों में डिस्पैच में पूरी तरह गिरावट हुई है. विभागीय अधिकारियों की माने, तो बुधवार को 20 हजार टन डिस्पैच हुआ, वहीं गुरुवार का लगभग दो हजार टन ही डिस्पैच की सूचना है. इस नये फैसले से सीसीएल की चिंता बढ़ गयी है. सीसीएल के सांसद प्रतिनिधि प्रेम विकास ने कहा कि अगर सिस्टम में बदलाव नहीं किया गया, तो वाहन मालिकों के समक्ष भूखे मरने की स्थिति आ जायेगी. इस संबंध में डीएमओ मनोज टोप्पो ने कहा कि वाहनों का वजन निर्धारित किया गया है. उससे अधिक कोयला व अन्य सामग्री वाहन पर नहीं ले जा सकते हैं.