West Singhbhum News: मानसून की लगातार बारिश ने चक्रधरपुर शहर और आसपास के क्षेत्रों की जर्जर सड़कों की बदहाली उजागर कर दी है. लंबे समय से मरम्मत का इंतजार कर रही कई प्रमुख सड़कें अब लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गई हैं. जगह-जगह बने गड्ढों में बारिश का पानी भर जाने से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है. सबसे अधिक परेशानी दोपहिया वाहन चालकों, स्कूली बच्चों, मरीजों और रोजाना आने-जाने वाले लोगों को उठानी पड़ रही है.
शहर की कई प्रमुख सड़कें बदहाल
चक्रधरपुर के पवन चौक से रजवाड़ी रोड होते हुए पुरानी बस्ती और साईं मोंटेसरी इंग्लिश स्कूल तक करीब डेढ़ किलोमीटर सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है. वहीं चांदमारी हनुमान मंदिर से मिट्टी पहाड़ होते हुए टोकलो रोड तक करीब 1200 फीट सड़क भी बदहाल स्थिति में है. बरसात के दौरान इन सड़कों पर जलजमाव से आवागमन मुश्किल हो गया है. इसके अलावा पवन चौक से बाटा रोड, इलाहाबाद बैंक, पुरानी रांची रोड होते हुए शहीद भगत सिंह चौक तक लगभग एक किलोमीटर सड़क लंबे समय से मरम्मत की बाट जोह रही है. बाटा रोड पोस्ट ऑफिस से पापड़हाता तक सड़क पर बने गड्ढे बारिश के पानी से भर गए हैं, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को जोखिम उठाना पड़ रहा है.
इन इलाकों में भी खराब है सड़क की स्थिति
तंबाकू पट्टी से देवगांव चौक तक करीब दो किलोमीटर, भारत भवन चौक से बंगलाटांड तक लगभग तीन किलोमीटर तथा भारत भवन चौक से शेर-ए-पंजाब तक करीब 500 फीट सड़क की हालत भी काफी खराब है. बरसात में इन मार्गों पर कीचड़ और जलजमाव आम बात हो गई है. पोटका शिव मंदिर से महतो बस्ती तक करीब डेढ़ किलोमीटर सड़क टूट-फूट का शिकार है. वहीं वार्ड संख्या तीन में विकास बिस्कुट फैक्ट्री से जोड़ा तालाब तक लगभग ढाई किलोमीटर सड़क वर्षों से मरम्मत की मांग कर रही है. राष्ट्रीय राजमार्ग-75 (ई) से प्रखंड कार्यालय होते हुए जुगीबेड़ा स्कूल तक करीब 1500 फीट तथा थाना चौक से भालियाकुदर जाने वाली करीब एक किलोमीटर सड़क भी बदहाल स्थिति में है.
जलनिकासी की व्यवस्था नहीं, बढ़ रहा खतरा
स्थानीय लोगों का कहना है कि जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण हल्की बारिश में भी सड़कों पर पानी भर जाता है. पानी से गड्ढे ढक जाने के कारण वाहन चालक दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं. कई बार संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों से सड़क मरम्मत की मांग की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई.
लोगों ने की जल्द मरम्मत की मांग
शहरवासियों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से जल्द सड़क मरम्मत एवं पुनर्निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है. उनका कहना है कि सड़कें किसी भी शहर के विकास की आधारभूत जरूरत हैं. यदि बारिश के मौसम में इन सड़कों की मरम्मत नहीं कराई गई, तो लोगों की परेशानियां और बढ़ेंगी तथा हादसों का खतरा भी बना रहेगा.
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