मुख्य बातें:
त्रिवेणीगंज (सुपौल) से दीपक कुमार की रिपोर्ट
Triveniganj Fish Market: सुपौल जिले के त्रिवेणीगंज नगर परिषद क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मेला ग्राउंड स्थित मुख्य मछली हाट में इन दिनों साफ-सफाई की घोर अव्यवस्था देखने को मिल रही है. मवेशी व मछली हाट परिसर और उसके आस-पास दुकानदारों द्वारा मांस, मछली और मुर्गे के अवशेषों (वेस्ट मटेरियल) को खुले में ही फेंक दिया जा रहा है. उचित डंपिंग यार्ड न होने के कारण यह पूरा इलाका गंदगी के ढेर में तब्दील हो चुका है, जिससे उठने वाली असहनीय दुर्गंध ने स्थानीय निवासियों का जीना मुहाल कर दिया है.
मचहा-कुशहा मधेपुरा मुख्य मार्ग प्रभावित; कॉलेज के छात्र भी परेशान
- आवागमन में भारी परेशानी: स्थानीय लोगों के अनुसार, इस मछली हाट के ठीक बगल से होकर मचहा-कुशहा को जोड़ने वाली एक मुख्य पक्की सड़क गुजरती है, जो सीधे मधेपुरा जिले की सीमा में प्रवेश करती है. इस अंतरजिला मार्ग से प्रतिदिन हजारों राहगीर और वाहन चालक गुजरते हैं, जिन्हें नाक बंद करके सफर करना पड़ता है.
- विद्यार्थियों के स्वास्थ्य पर संकट: इस गंदगी वाले स्थल से चंद कदमों की दूरी पर ही अनुग्रहनारायण सिंह अनुपलाल (एएल) महाविद्यालय स्थित है. कॉलेज आने-जाने वाले सैकड़ों छात्र-छात्राओं और प्रोफेसरों को रोजाना इसी सड़ांध भरी हवा के बीच से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है.
- तेज धूप से बिगड़े हालात: वर्तमान में पड़ रही तेज धूप और उमस भरी गर्मी के कारण खुले में फेंके गए मांस के लोथड़े और अवशेष महज कुछ ही घंटों में सड़ जाते हैं, जिससे मक्खियों और आवारा पशुओं का जमावड़ा बढ़ गया है.
खुले में पशु वध से बदतर हुए हालात; डस्टबिन और छिड़काव गायब
हाट में आने वाले उपभोक्ताओं का आरोप है कि नगर परिषद द्वारा हाट में न तो बड़े कम्युनिटी डस्टबिन रखे गए हैं और न ही समय पर कचरा उठाने वाली गाड़ियां आती हैं. बाजार में खुलेआम पशुओं को काटा जाता है और उनके खून व अपशिष्टों को नालियों में बहा दिया जाता है. महीनों से हाट परिसर में ब्लीचिंग पाउडर या किसी एंटी-बैक्टीरियल कीटनाशक दवा का छिड़काव नहीं किया गया है, जिसके कारण बाजार की पूरी स्वच्छता और आबोहवा प्रदूषित हो चुकी है.
स्थानीय नागरिकों ने नगर परिषद से की चार सूत्री मांग
बढ़ते जन-आक्रोश को देखते हुए प्रबुद्ध नागरिकों ने नगर परिषद प्रशासन के समक्ष अपनी मांगें रखी हैं, ताकि समस्या का स्थाई समाधान हो सके:
- मछली व मवेशी हाट की प्रतिदिन अनिवार्य रूप से सुबह-शाम विशेष सफाई कराई जाए.
- जैविक कचरे और पशु अवशेषों को रिहायशी इलाकों से दूर वैज्ञानिक तरीके से (ट्रेंचिंग ग्राउंड में) डिस्पोज किया जाए.
- हाट परिसर और आस-पास की नालियों में नियमित रूप से एंटी-लार्वा लिक्विड और ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव हो.
- खुले में मांस काटने वाले दुकानदारों पर जुर्माना लगाते हुए उनके लिए कवर्ड (ढके हुए) केबिन अनिवार्य किए जाएं.
Triveniganj Fish Market: क्या कहते हैं नगर परिषद के जिम्मेदार अधिकारी?
“इस पूरे मामले पर संज्ञान लेते हुए त्रिवेणीगंज नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (Executive Officer) राज साहिल ने बताया कि अब तक इस संबंध में स्थानीय स्तर पर कोई लिखित शिकायत कार्यालय को नहीं मिली थी. हालांकि, समाचार के माध्यम से मामला ध्यान में आते ही इसे बेहद गंभीरता से लिया गया है. सिटी मैनेजर और मुख्य स्वच्छता पदाधिकारी (SI) को तत्काल निर्देश जारी कर मछली हाट का औचक निरीक्षण करने को कहा गया है. हाट परिसर की युद्धस्तर पर विशेष सफाई कराई जाएगी और लापरवाही बरतने वाले दुकानदारों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.” — राज साहिल, कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद त्रिवेणीगंज
