[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार सुपौल नये कानून को लेकर अभिभावकों व छात्रों के साथ संगोष्ठी

नये कानून को लेकर अभिभावकों व छात्रों के साथ संगोष्ठी

0
नये कानून को लेकर अभिभावकों व छात्रों के साथ संगोष्ठी

सरायगढ़. प्रखंड क्षेत्र के मिडिल स्कूल चांदपीपर में शुक्रवार को नए आपराधिक कानून लागू होने को लेकर अभिभावकों और स्कूली छात्र-छात्राओं के साथ एक बैठक आयोजित की गयी. जिसकी अध्यक्षता चांदपीपर पंचायत के मुखिया गणेश राम ने की. थानाध्यक्ष किशोर कुमार ने कहा कि नए आपराधिक कानून को नागरिक केंद्रित बनाने की दिशा में नागरिक घटनास्थल या उससे परे कहीं भी केस दर्ज करा सकते हैं. पीड़ित को केस की एक निःशुल्क प्रति प्राप्त करने का हकदार होंगे. पुलिस द्वारा पीड़ितों को 90 दिनों के अंदर जांच की प्रगति के बारे में सूचित करना अनिवार्य है. महिला अपराध की स्थिति में 24 घंटे के अंदर पीड़िता की सहमति से उसकी मेडिकल जांच कराई जाएगी. साथ ही 07 दिनों के अंदर चिकित्सक उसकी मेडिकल रिपोर्ट भेजेंगे. अभियोजन पक्ष की मदद के लिए कानून को खुद का कानूनी प्रतिनिधित्व करने का अधिकार है. केस वापसी के पहले न्यायालय को पीड़ित की बात सुनने का अधिकार दिया गया है. कोर्ट में आवेदन करने पर पीड़ितों को आदेश की नि:शुल्क प्रति प्राप्त करने का अधिकार दिया गया है. कानूनी जांच पूछताछ और मुकदमे की कार्यवाही को इलेक्ट्रॉनिक रूप से आयोजित करने का प्रावधान किया गया है. नए कानून में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों की जांच को प्राथमिकता दी गयी है. मामले दर्ज किए जाने के दो महीने के भीतर जांच पूरी की जाएगी. पीड़ितों को 90 दिनों के भीतर अपने मामले की प्रगति पर नियमित रूप से जानकारी पाने का अधिकार होगा. आरोपी तथा पीड़ित दोनों को प्राथमिक पुलिस रिपोर्ट, आरोप पत्र, बयान, स्वीकारोक्ति और अन्य दस्तावेज 14 दिन के भीतर पाने का अधिकार होगा. दुष्कर्म पीड़िताओं का बयान कोई महिला पुलिस अधिकारी उनके अभिभावक या रिश्तेदार की मौजूदगी में दर्ज करेगी और मेडिकल रिपोर्ट 07 दिनों के भीतर देनी होगी. थानाध्यक्ष श्री कुमार राय ने कहा कि मावलीचिंग करने पर अब दोषियों को मृत्युदंड की सजा मिलेगी. उन्होंने कहा कि राजद्रोह की जगह देशद्रोह शब्द का इस्तेमाल किया गया है, जिसमें भारत की एकता और अखंडता को खतरे में डालने वाली आपराधिक गतिविधि शामिल है. उन्होंने कहा कि पुलिस को तलाशी और जब्ती में ऑडियो, वीडियो रिकॉर्डिंग करना अनिवार्य है. गवाहों के लिए ऑडियो, वीडियो से बयान रिकॉर्ड कराया जाएगा. थानाध्यक्ष ने स्कूल के छात्र-छात्राओं को नशा नहीं करने का संकल्प दिलाया. बैठक को एसआई संजना कुमारी, विनायक कुमार, देवनारायण यादव, विष्णुदेव यादव, रविंद्र कुमार, रमेश कुमार सहित अन्य ने संबोधित किया. बैठक में बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राएं और अभिभावक मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel