सुपौल से रोशन सिंह की रिपोर्ट
Pulse Polio Campaign: सुपौल जिले में 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से रविवार को राष्ट्रीय पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान की शुरुआत की गई. उर्दू मध्य विद्यालय परिसर स्थित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 283 में आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी सावन कुमार ने बच्चों को पोलियो की दो बूंद दवा पिलाकर अभियान का शुभारंभ किया. यह अभियान 28 जून से 2 जुलाई 2026 तक जिलेभर में चलेगा. इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर सभी लक्षित बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाएंगी.
डीएम ने की शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने की अपील
अभियान के शुभारंभ अवसर पर डीएम सावन कुमार ने कहा कि पोलियो उन्मूलन के लिए प्रत्येक बच्चे तक पहुंचना आवश्यक है. उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग का कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित नहीं रहना चाहिए. साथ ही स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मियों को निर्देश दिया कि अभियान को पूरी गंभीरता के साथ सफल बनाया जाए.
जिलेभर में व्यापक स्तर पर की गई तैयारी
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में 4,26,948 घरों तक पहुंचकर 4,93,875 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. अभियान को सफल बनाने के लिए 976 हाउस-टू-हाउस टीमें, 96 ट्रांजिट टीमें, 17 मोबाइल टीमें, 122 वन मैन टीमें और 342 पर्यवेक्षकों की तैनाती की गई है. इसके अलावा 161 स्वास्थ्य संस्थानों, 680 आईसीडीएस केंद्रों, 1,063 आशा कार्यकर्ताओं तथा 675 स्वयंसेवकों को भी अभियान में शामिल किया गया है.
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी रहे मौजूद
Pulse Polio Campaign: कार्यक्रम में सिविल सर्जन डॉ. बाबू साहेब झा, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. ममता कुमारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक बाल कृष्ण चौधरी, उर्दू मध्य विद्यालय के प्रधानाध्यापक, सदर प्रखंड के चिकित्सा पदाधिकारी, बीएचएम, बीसीएम, बीएएम, बीएम एंड ई सहित स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे. सभी ने अभियान को सफल बनाने के लिए सामूहिक प्रयास का संकल्प लिया.
अभिभावकों से सहयोग की अपील
Pulse Polio Campaign: स्वास्थ्य विभाग ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के सभी बच्चों को पोलियो की दो बूंद दवा अवश्य पिलाएं. विभाग ने कहा कि पोलियो से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय नियमित टीकाकरण है. अभियान की सफलता जनसहभागिता पर निर्भर है, इसलिए प्रत्येक परिवार से सहयोग की अपेक्षा की गई है.
