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Home बिहार सुपौल आंधी-बारिश का कहर : ग्रामीण इलाके में 17 घंटे तक रही विद्युत आपूर्ति बाधित, जेई से लेकर अधिकारी को उपभोक्ता करते रहे फोन, नहीं रिसीव किये फोन

आंधी-बारिश का कहर : ग्रामीण इलाके में 17 घंटे तक रही विद्युत आपूर्ति बाधित, जेई से लेकर अधिकारी को उपभोक्ता करते रहे फोन, नहीं रिसीव किये फोन

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आंधी-बारिश का कहर : ग्रामीण इलाके में 17 घंटे तक रही विद्युत आपूर्ति बाधित, जेई से लेकर अधिकारी को उपभोक्ता करते रहे फोन, नहीं रिसीव किये फोन

सुपौल. पिछले 24 घंटे से जिले में रुक-रुक कर हो रही बारिश से लोगों को उमस भरी गर्मी से थोड़ी राहत मिली है. वहीं तेज हवा एवं बारिश ने बिजली विभाग की पोल खोल कर रख दी. मालूम हो कि बुधवार की दोपहर को आई तेज हवा एवं बारिश से सदर प्रखंड के ग्रामीण इलाकों में कई जगहों पर पेड़ गिरने के कारण बिजली आपूर्ति पूरी तरह प्रभावित रही. करीब 17 घंटे बाद गुरुवार सुबह 08 बजे बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी. इस दौरान ग्रामीण इलाकों के लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा. लोगों ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों से बिजली की स्थिति ठीक थी. लेकिन इस भीषण गर्मी में विद्युत आपूर्ति चरमरा गयी है. बताया कि हल्की हवा चलने पर भी कई घंटों तक बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप रहता है.

मेंटनेंस के नाम पर की जाती है खानापूर्ति

जानकारों की मानें तो हर वर्ष ग्रामीण इलाकों में बिजली आपूर्ति मेंटेनेंस को लेकर विभाग के द्वारा लाखों रुपए खर्च किये जाते हैं. बावजूद आज तक बिजली के तार एवं पोल पर लगे जंगल साफ नहीं हो पाया है. कई जगहों पर तार के ऊपर बड़े-बड़े पौधे व लत्ती चढ़ गये हैं. जिसे हटाना होता है. लेकिन हर वर्ष कर्मियों के द्वारा मेंटेनेंस के नाम पर खानापूर्ति की जाती है.

फोन उठाना भी मुनासिब नहीं समझते हैं अधिकारी

बिजली उपभोक्ताओं ने बताया कि बुधवार देर शाम तक जब बिजली नहीं आई. बिजली नहीं आने का कारण पता करने के लिए लाइनमैन से लेकर पावर ग्रिड एवं कनीय अभियंता तक को कई बार फोन की गयी. लेकिन कोई भी फोन उठाना मुनासिब नहीं समझा. जिसके कारण लोग पूरे रात परेशान रहे.

अंधेरे में गुजारनी पड़ी रात

बुधवार की दोपहर आयी तेज हवा एवं बारिश के बाद से ग्रामीण इलाकों की विद्युत आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गयी. शाम ढलने के बाद ही लोगों की परेशानी बढ़नी शुरू हो गयी. लोगों ने बताया कि पहले तो लोग घरों में केरोसिन तेल भी रखते थे, जिससे ढिबरी व लालटेन जलाया करते थे. लेकिन पिछले कुछ वर्षों से बिजली आपूर्ति ठीक रहने एवं केरोसिन तेल की आपूर्ति नहीं होने व महंगाई के कारण लोग अब घरों में केरोसिन तेल भी नहीं होता है. जिस कारण बुधवार की पूरी रात ग्रामीण क्षेत्र के कई घरों में अंधेरा कायम रहा. लोगों ने बताया कि पिछले कुछ समय से बिजली विभाग के कर्मियों की लापरवाही से हल्की हवा चलने पर भी घंटों तक विद्युत आपूर्ति बंद कर दी जाती है. जब इस संबंध में लाइन मैन व अधिकारियों से पूछा जाता है तो उनके द्वारा मेंटेनेंस की बात कह कर अपना पल्ला झाड़ लिया जाता है.

टॉर्च व मोबाइल जला कर रात भर काम करते रहे कर्मी

ग्रामीण इलाकों में विद्युत आपूर्ति प्रभावित होने के बाद बिजली विभाग के कर्मी और अधिकारी बुधवार की रात मोबाइल व टॉर्च के सहारे बिजली आपूर्ति बहाल करने में लगे रहे. जब इस बात की जानकारी गुरुवार की सुबह लोगों को मिली तो लोग दबे जुबान से कहने लगे कि बुधवार की रात बिजली विभाग की खुद की नींद उड़ी हुई थी. बिजली विभाग के मंत्री जिला मुख्यालय में ही मौजूद थे. कर्मियों व अधिकारियों को डर सता रहा था कि कहीं बिजली आपूर्ति बहाल करने में विलंब हुई तो इसकी शिकायत मंत्री से न कर दें.

सुदूर देहात तक हुआ विद्युतीकरण

सरकार ने सुदूर देहात इलाके तक विद्युतीकरण कर दिया. जिससे ग्रामीणों को शहर की तरह बिजली मिले. लेकिन ग्रामीण इलाके में बिजली की कमान संभालने वाले अधिकारी लगातार अपने दायित्वों का निर्वहन नहीं कर रहे हैं. जिसका खामियाजा ग्रामीण इलाके के भोले-भाले उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है. यही कारण है कि हल्की तेज हवा चलने पर भी ग्रामीण इलाकों की बिजली आपूर्ति घंटो ठप हो जाती है.

कहते हैं अभियंता

बिजली विभाग के एसडीओ मो नवील ने बताया कि जिला मुख्यालय में 10 फीडर है. हर फीडर से 01 से 02 किलोमीटर तक बिजली आपूर्ति की जाती है. वहीं ग्रामीण इलाकों में तीन पीएसएस है. हर पीएसएस के अंदर चार- चार फीडर है. बताया कि हर फीडर से 30 से 35 किलोमीटर की दूरी तक बिजली आपूर्ति की जाती है. बुधवार को आई तेज रफ्तार हवा से शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र के करीब डेढ़ दर्जन से अधिक पोल पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया. वहीं कर्णपुर में एक ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गया. जबकि 100 से अधिक इंसुलेटर पंचर हो गया. जिस कारण ग्रामीण क्षेत्रों में करीब डेढ़ लाख रुपए से अधिक का नुकसान हुआ है. वहीं जिला मुख्यालय में करीब एक लाख बीस रुपये नुकसान विभाग को हुआ है. बताया कि शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में कुल 62000 उपभोक्ता है. कहा कि किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत या परेशानी होती है तो वे विभाग के कॉल सेंटर नंबर 9264456424 पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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