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Home बिहार सुपौल स्टेशनरी की दुकान में आसानी से मिल रहा सूखे नशे का सामान, कार्रवाई की दरकार

स्टेशनरी की दुकान में आसानी से मिल रहा सूखे नशे का सामान, कार्रवाई की दरकार

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स्टेशनरी की दुकान में आसानी से मिल रहा सूखे नशे का सामान, कार्रवाई की दरकार

त्रिवेणीगंज.

थाना क्षेत्र में नशे का सामान खुलेआम शहर के स्टेशनरी सहित अन्य दुकानों में बिक रहा है. लेकिन प्रशासन उदासीन बने हुए हैं. जबकि बच्चे दुकानों से नशे का सामान खरीदकर नशा करते दिख रहे है. ताज्जुब की बात तो यह है कि बचपन नशे की गिरफ्त में जकड़ता जा रहा है. लेकिन कोई भी इस ओर ध्यान देना मुनासिब नहीं समझ रहे हैं. प्रशासन के अलावे क्षेत्र में संचालित सामाजिक संस्थाओं का भी ध्यान इस दिशा में नहीं है. इस दिशा में कोई जागरूकता कार्यक्रम नहीं शुरू हो पाया है. जबकि बच्चों में फ्लूड के नशे की लत बढ़ती जा रही है. जो उन्हें शारीरिक क्षति के अलावे आपराधिक दुनिया में ले जा रहा है. यही नहीं फ्लूड बच्चों के भविष्य को अंधकार में डाल रहा है. स्टेशनरी की दुकानों पर बिकने वाले फ्लूड को बच्चे नशे के रूप में प्रयोग कर रहे है. बच्चे फ्लूड को पॉलीथिन और रुमाल आदि में डालकर सूंघकर नशा करते है. नशे की चपेट में आने वाले बच्चों में गरीब परिवारों के बच्चों के साथ-साथ बड़े घरों के बच्चे भी आ रहे है. शहर की खुले स्थानों समेत ग्रामीण इलाके के चौक – चौराहे पर एवं नदी किनारे आदि शांत जगहों पर आसानी से बच्चों पॉलीथिन में फ्लूड डालकर सूंघ कर नशा करते हुए आसानी से नजर आते है. इन बच्चों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है. अभिभावकों का उन पर कंट्रोल कर पाना मुश्किल हो जाता है. फ्लूड के साथ-साथ साइकिल के दुकानों में पंचर बनाने में इस्तेमाल होने वाले लोशन का इस्तेमाल में भी नशे के रूप में हो रहा है. लेकिन प्रशासन मादक पदार्थ विक्रेताओं के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं. परिणामस्वरूप प्रशासनिक उदासीनता से बच्चों का भविष्य अंधकार में जा रहा है.

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