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Home बिहार सुपौल सम्मान की चमक में खिल उठे सपने

सम्मान की चमक में खिल उठे सपने

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सम्मान की चमक में खिल उठे सपने
सुपौल में प्रभात खबर प्रतिभा सम्मान समारोह

– प्रभात खबर प्रतिभा सम्मान समारोह में उमस और धूप को मात देकर पहुंचे मेधावी छात्र-छात्राएं

– सम्मान पाकर चेहरे पर झलकी सफलता की मुस्कान

सुपौल.

उमस भरी गर्मी, तेज धूप और पसीने से तरबतर कर देने वाले मौसम के बावजूद मंगलवार को सुपौल नगर भवन (टाउन हॉल) में आयोजित प्रभात खबर प्रतिभा सम्मान समारोह का उत्साह किसी भी चुनौती से कम नहीं हुआ. सुबह से ही जिले के विभिन्न प्रखंडों, कस्बों और सुदूर ग्रामीण इलाकों से पहुंचे छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों की भीड़ समारोह स्थल पर जुटने लगी थी. मौसम की तपिश उनके कदमों को रोक नहीं सकी. उनके मन में अपनी मेहनत और उपलब्धि के सम्मान को प्राप्त करने का उत्साह साफ दिख रहा था. कार्यक्रम में मैट्रिक व इंटर परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया. मंच पर जब एक-एक कर मेधावी विद्यार्थियों के नाम पुकारे गए और उन्हें सम्मान-पत्र एवं मेडल प्रदान किया गया, तब पूरे सभागार में तालियों की गूंज सुनाई दी. इस सम्मान ने न केवल विद्यार्थियों के चेहरे पर खुशी बिखेरी, बल्कि उनके अभिभावकों के संघर्ष और त्याग को भी एक नई पहचान दी.

डीएम, एसपी व मुख्य पार्षद ने समारोह का किया शुभारंभ

कार्यक्रम का शुभारंभ डीएम सावन कुमार, एसपी शरथ आरएस, नगर परिषद मुख्य पार्षद राघवेंद्र झा राघव, भाजपा नेता सचिन माधोगड़िया ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलित कर किया. जिलाधिकारी व एसपी ने जब अपने हाथों से बच्चों को प्रमाण पत्र व मेडल देकर सम्मानित किया तो बच्चे काफी खुश नजर आ रहे थे. डीपीएस की छात्रा रितिका एवं साथी द्वारा स्वागत गान से किया गया. इस मौके पर सुपौल उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय के प्राचार्य अजय कुमार, युवा राजद जिलाध्यक्ष लव यादव, डॉ विनय कुमार, डॉ विद्यासागर, डॉ कैलाश कुमार, जदयू नेता हरेकांत झा, ओम प्रकाश यादव, भाजपा नेता रंधीर ठाकुर, सुरेश कुमार सुमन, सुनील सिंह, गोविंद पासवान, समाजसेवी मो जमालउद्दीन, प्रियंका यादव, नवीन गुप्ता, अभय कुमार मिश्रा, सुरेंद्र नारायण पाठक, मिथिलेश यादव आदि मौजूद थे. आगत अतिथियों का स्वागत पत्रकारों द्वारा गुलदस्ता देकर किया गया. मंच संचालन शिक्षक बद्दीउज्जमा ने किया.

पहला सम्मान, जीवन भर की प्रेरणा

कार्यक्रम में सम्मानित होने वाली अधिकांश छात्राओं के लिए यह जीवन का पहला सार्वजनिक सम्मान था. मंच से उतरते ही उनके चेहरे पर जो संतोष और खुशी दिखाई दे रही थी, वह शब्दों में बयान करना मुश्किल था. कई छात्राएं अपने मित्रों से बातचीत करते हुए कह रही थीं कि उन्हें पहली बार इस तरह किसी मंच पर सम्मान मिला है. एक छात्रा ने कहा कि उसने कभी नहीं सोचा था कि उसकी मेहनत को इस तरह पहचान मिलेगी. उसने बताया कि सम्मान प्राप्त करने के बाद उसके अंदर और बेहतर करने की इच्छा पैदा हुई है. अब वह भविष्य में और अधिक मेहनत कर उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाना चाहती है. छात्राओं का कहना था कि गांव और छोटे शहरों की बेटियों के लिए ऐसे सम्मान कार्यक्रम विशेष महत्व रखते हैं. इससे उनमें आत्मविश्वास बढ़ता है और यह विश्वास मजबूत होता है कि मेहनत का परिणाम अवश्य मिलता है.

सम्मान ने बढ़ाया आत्मविश्वास

कार्यक्रम में शामिल छात्रों के चेहरे पर भी उत्साह साफ दिखाई दे रहा था. सम्मान प्राप्त करने के बाद वे काफी भावुक और उत्साहित नजर आए. कई छात्रों ने कहा कि परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करना उनके लिए खुशी की बात थी, लेकिन सार्वजनिक मंच पर सम्मानित होना उससे भी बड़ा अनुभव है. छात्रों ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत होते हैं. जब मेहनत और उपलब्धि को समाज के सामने सराहा जाता है तो आगे बढ़ने की ऊर्जा मिलती है. उन्होंने कहा कि यह सम्मान उन्हें भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करेगा. कई छात्रों ने यह भी कहा कि इस सम्मान के बाद उनके परिवार के सदस्यों और गांव के लोगों को उन पर गर्व महसूस हो रहा है. इससे उनकी जिम्मेदारी और बढ़ गई है कि वे आने वाले समय में और बेहतर प्रदर्शन करें.

गर्मी के बावजूद अंत तक डटे रहे प्रतिभागी

मौसम काफी गर्म और उमस भरा था. कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे अधिकांश छात्र-छात्राएं पसीने से तरबतर नजर आ रहे थे. बावजूद इसके किसी के चेहरे पर थकान या परेशानी का भाव नहीं था. कार्यक्रम शुरू होने के बाद से लेकर समापन तक विद्यार्थी धैर्यपूर्वक अपनी बारी का इंतजार करते रहे. जैसे-जैसे नाम पुकारे जाते, विद्यार्थियों के चेहरे पर उत्साह बढ़ता जाता. मंच तक पहुंचने की प्रतीक्षा में बैठे बच्चों की आंखों में अपने सम्मान को पाने की चमक साफ दिखाई दे रही थी. कई अभिभावकों ने कहा कि मौसम की कठिनाइयों के बावजूद बच्चों का उत्साह देखने लायक था. वे सुबह से ही कार्यक्रम स्थल पर मौजूद थे. अंत तक सम्मान समारोह का हिस्सा बने रहे. यह इस बात का प्रमाण था कि सम्मान का महत्व किसी भी मौसम या असुविधा से कहीं अधिक होता है.

सुदूर गांवों से पहुंचे मेधावी विद्यार्थी

इस समारोह की सबसे खास बात यह रही कि इसमें केवल शहर या मुख्यालय क्षेत्र के विद्यार्थी ही नहीं, बल्कि जिले के दूरदराज और दुर्गम गांवों से भी बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं पहुंचे थे. पूर्वी और पश्चिमी कोसी तटबंध के अंदर बसे गांवों से कई किलोमीटर की दूरी तय कर विद्यार्थी अपने अभिभावकों के साथ कार्यक्रम स्थल पहुंचे. कई बच्चों ने सुबह-सुबह घर से निकलकर बस, ऑटो और अन्य साधनों से लंबी यात्रा की, लेकिन सम्मान पाने की खुशी ने उनके सफर की सारी थकान मिटा दी. जब इन विद्यार्थियों के नाम मंच से पुकारे गए और वे सम्मान ग्रहण करने पहुंचे, तब उनके चेहरे पर संघर्ष और सफलता दोनों की कहानी दिखाई दे रही थी. उनकी मुस्कान बता रही थी कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने अपनी मेहनत के दम पर यह उपलब्धि हासिल की है. ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे विद्यार्थियों ने कहा कि संसाधनों की कमी के बावजूद उन्होंने पढ़ाई जारी रखी और बेहतर परिणाम हासिल किए. उनका मानना था कि यदि दृढ़ संकल्प हो तो कोई भी बाधा सफलता का रास्ता नहीं रोक सकती.

अभिभावकों की आंखों में दिखा गर्व

सम्मान समारोह केवल विद्यार्थियों का ही नहीं, बल्कि उनके माता-पिता के लिए भी एक विशेष अवसर था. जब उनके बच्चे मंच पर सम्मान ग्रहण कर रहे थे, तब अभिभावकों के चेहरे पर गर्व और संतोष साफ दिखाई दे रहा था. कई अभिभावक अपने मोबाइल फोन से बच्चों की तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड करते नजर आए. कुछ माता-पिता तो भावुक भी हो गए. उनका कहना था कि बच्चों की सफलता उनके वर्षों के संघर्ष और त्याग का परिणाम है. ग्रामीण क्षेत्रों से आए अभिभावकों ने कहा कि उन्होंने आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद बच्चों की पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी. आज जब उनके बच्चे सम्मानित हो रहे हैं तो उन्हें लगता है कि उनकी मेहनत सफल हो गई है. माता-पिता का मानना था कि ऐसे सम्मान कार्यक्रम बच्चों को नई दिशा देने का काम करते हैं. इससे उनमें पढ़ाई के प्रति रुचि और बढ़ती है तथा वे बड़े लक्ष्य निर्धारित करने के लिए प्रेरित होते हैं.

सेल्फी और तस्वीरों लेने की मची रही होड़

सम्मान प्राप्त करने के बाद समारोह स्थल पर सेल्फी लेने की होड़ मच गई. छात्र-छात्राएं अपने सम्मान-पत्र और स्मृति चिह्न के साथ तस्वीरें खिंचवाने में व्यस्त दिखे. कई विद्यार्थी अतिथियों के साथ सेल्फी लेते नजर आए. वहीं कुछ छात्र अपने मित्रों के साथ प्रभात खबर के आकर्षक मंच और बैनर के सामने खड़े होकर तस्वीरें खिंचवा रहे थे. समारोह स्थल का हर कोना यादगार पलों को कैमरे में कैद करने का केंद्र बन गया था. छात्राओं ने समूह बनाकर एक-दूसरे की तस्वीरें लीं. कई छात्राएं अपनी सहेलियों के साथ अलग-अलग अंदाज में फोटो क्लिक करती नजर आईं. मोबाइल कैमरों की चमक और मुस्कुराते चेहरों ने पूरे वातावरण को उत्सवमय बना दिया. कई विद्यार्थियों ने कहा कि यह दिन उनके जीवन के सबसे यादगार दिनों में शामिल हो गया है. वे इन तस्वीरों को हमेशा अपने पास संजोकर रखेंगे ताकि भविष्य में जब भी इन्हें देखें, उन्हें अपनी मेहनत और सफलता की याद ताजा हो जाए.

मंच बना सपनों और संघर्ष की कहानियों का साक्षी

प्रभात खबर का भव्य मंच केवल सम्मान वितरण का केंद्र नहीं था, बल्कि वह उन अनगिनत सपनों और संघर्षों का भी साक्षी बना, जिन्होंने विद्यार्थियों को इस मुकाम तक पहुंचाया. किसी ने सीमित संसाधनों के बीच पढ़ाई की, तो किसी ने पारिवारिक जिम्मेदारियों के साथ अपनी शिक्षा जारी रखी. कई छात्र-छात्राएं ऐसे परिवारों से आते हैं जहां शिक्षा के लिए पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं. इसके बावजूद उन्होंने कठिन परिश्रम और दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर सफलता प्राप्त की. जब ये विद्यार्थी मंच पर पहुंचे तो उनके सम्मान के साथ-साथ उनके संघर्षों की कहानी भी सम्मानित हुई. यह दृश्य उपस्थित लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया.

शिक्षा के प्रति बढ़ रही जागरूकता का संदेश

कार्यक्रम ने यह भी साबित किया कि जिले में शिक्षा के प्रति जागरूकता लगातार बढ़ रही है. ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की भागीदारी इस बात का संकेत है कि अब शिक्षा को लेकर लोगों की सोच सकारात्मक दिशा में बदल रही है. विशेष रूप से छात्राओं की उल्लेखनीय उपस्थिति ने यह संदेश दिया कि बेटियां भी हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं और अपने परिवार तथा समाज का नाम रोशन कर रही हैं.

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि जब विद्यार्थियों को उनकी उपलब्धियों के लिए सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया जाता है, तब इसका सकारात्मक प्रभाव अन्य छात्रों पर भी पड़ता है. इससे प्रतिस्पर्धा की स्वस्थ भावना विकसित होती है और अधिक से अधिक विद्यार्थी उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित होते हैं.

यादगार बन गया सम्मान का दिन

दिनभर चले इस समारोह के अंत तक विद्यार्थियों और अभिभावकों के चेहरे पर संतोष और खुशी की झलक बनी रही. सम्मान-पत्र हाथों में लिए बच्चे अपने भविष्य के नए सपनों के साथ घर लौटते नजर आए. कार्यक्रम ने यह साबित कर दिया कि मेहनत, लगन और समर्पण का सम्मान हमेशा होता है. उमस भरी गर्मी और तेज धूप भी उन चेहरों की चमक को फीका नहीं कर सकी, जिन पर सफलता की रोशनी दमक रही थी. प्रभात खबर प्रतिभा सम्मान समारोह ने जिले के मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित करने के साथ-साथ उन्हें यह संदेश भी दिया कि उनकी मेहनत को समाज देख रहा है, सराह रहा है और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना कर रहा है. यही भावना इस आयोजन की सबसे बड़ी उपलब्धि रही. सम्मान, उत्साह, प्रेरणा और सपनों से सजे इस समारोह ने हजारों दिलों में यह विश्वास और मजबूत कर दिया कि शिक्षा ही वह शक्ति है, जो किसी भी परिस्थिति को बदल सकती है और सफलता के नए द्वार खोल सकती है. विद्यार्थियों की मुस्कान, अभिभावकों का गर्व और मंच पर गूंजती तालियां लंबे समय तक लोगों की स्मृतियों में जीवंत रहेंगी.

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