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शांति के बिना राष्ट्र का विकास संभव नहीं – प्राचार्य

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शांति के बिना राष्ट्र का विकास संभव नहीं – प्राचार्य

-अंतरराष्ट्रीय शांति दिवस पर अनूपलाल यादव महाविद्यालय में संगोष्ठी का आयोजन त्रिवेणीगंज. मुख्यालय स्थित अनूपलाल यादव महाविद्यालय में रविवार को अंतरराष्ट्रीय शांति दिवस के अवसर पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया. यह कार्यक्रम राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) की प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय इकाइयों के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ. कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ हेमंत कुमार ने की, जबकि संचालन एनएसएस कार्यक्रम पदाधिकारी एवं जिला नोडल पदाधिकारी प्रो विद्यानंद यादव ने किया. प्राचार्य डॉ हेमंत कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि शांति के बिना राष्ट्र का विकास संभव नहीं है. शांति मधुरता और भाईचारे की वह अवस्था है, जिसमें वैर-भावना का कोई स्थान नहीं होता. उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ ने वर्ष 1981 में विश्व शांति दिवस की घोषणा की थी और वर्ष 2002 से हर वर्ष 21 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय शांति दिवस मनाया जाता है. एनएसएस कार्यक्रम पदाधिकारी प्रो विद्यानंद यादव ने कहा कि समाज में जाति, धर्म, भाषा और क्षेत्रीय भेदभाव जैसी संकीर्णताओं के कारण अशांति फैलती है, जिससे विकास अवरुद्ध होता है. उन्होंने वर्तमान शांति दिवस 2025 की थीम एक शांतिपूर्ण विश्व के लिए अभी कार्य करें का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को शांति के लिए सक्रिय होकर नफरत और भेदभाव के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए. कार्यक्रम में वक्ताओं ने स्वयंसेवकों से अपील की कि वे परिवार, समाज, राज्य, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति स्थापित करने के लिए जागरूकता अभियान चलाएं. कला, साहित्य, सिनेमा और खेल जगत से जुड़े लोग शांति दूत बनकर समाज को प्रेरित कर रहे हैं, जिसे आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी युवा पीढ़ी की है. संगोष्ठी में महाविद्यालय के प्राध्यापक प्रो अरुण कुमार, डॉ अरविंद कुमार, प्रो देवनारायण यादव, प्रो तरुण कुमार सिंह, प्रो रामचंद्र यादव, प्रो कुलानंद यादव, प्रो विनोद कुमार विमल, प्रो राजकुमार, प्रो महेश कुमार, प्रो प्रफुल्ल कुमार, द्वितीय इकाई की कार्यक्रम पदाधिकारी प्रो कुमारी पूनम, तृतीय इकाई के कार्यक्रम पदाधिकारी प्रो शंभू यादव सहित अन्य शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मचारी उपस्थित थे. इसके साथ ही बड़ी संख्या में एनएसएस स्वयंसेवक भी शामिल हुए, जिनमें सिमरन गोयल, मिनटी कुमारी, बबली कुमारी, दिव्या कुमारी, सरिता कुमारी, प्रियांशु कुमारी, आस्था कुमारी, अनुप्रिया कुमारी, प्रिया भारती, लवली कुमारी, मनीषा कुमारी, प्रियंका कुमारी, काजल कुमारी, रोशन राज, रंजीत सिंह, सोनी सहित कई छात्र-छात्राएं शामिल थे.

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