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Home बिहार सुपौल पहले जुमे को मस्जिदों में उमड़ी रोजेदारों की भीड़

पहले जुमे को मस्जिदों में उमड़ी रोजेदारों की भीड़

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पहले जुमे को मस्जिदों में उमड़ी रोजेदारों की भीड़

– आपसी भाईचारा व मुल्क में अमनो-अमान की मांगी दुआ सुपौल. पाक माह के पहले जुमे पर शुक्रवार को मस्जिदों में रोजेदारों की भीड़ उमड़ पड़ी. नमाज के दौरान मस्जिदें खचाखच भरी रही. अल्लाह की रजा में रमजान का पहला जुमा बीता. पूरा दिन इबादत ए इलाही में गुजरा. कम उम्र के बच्चों ने भी मस्जिदों में खुदा की इबादत में अपना सिर झुकाया. जुमा की अजान शुरू होते ही मस्जिदें नमाजियों से भरने लगी. इसके बाद नमाजियों ने सुन्नतें अदा की. इमाम ने तकरीर पेश की. इसमें रोजे के फजाइल बयां किए. जमा मस्जिद के इमाम मुफ्ती अकबर कासमी ने कहा कि साल के 12 माह में रमजान शरीफ सबसे खास महीना होता है. बताया जाता है कि रोजेदार अपनी दिनचर्या में अधिक से अधिक अल्लाह का जिक्र करें और जकात समेत अन्य दान करें. लोगों को इस माह अपने अंदर का गुस्सा को निकाल देना चाहिए. यह माह एक तरह से ट्रेनिंग का माह होता है. रोजा रखकर दूसरे की भूख का अहसास होता है. रमजानुलकरीम के पहले जुम्मे की नमाज में सभी मस्जिदों में हजारों रोजेदारों ने रब की बारगाह में सजदा किया. जामा मस्जिद, बड़ी मस्जिद, चमड़ा गोदाम मस्जिद सहित सभी मस्जिदों में नमाज अदा की गई. हजारों हाथ दुआ के लिए उठे तथा इबादतों की कबूलियत, आपसी भाईचारा, मुल्क में अमनो-अमान की दुआ की गई. बाजारों में रही चहल पहल पहले जुमे के दिन बाजारों में रमजान को लेकर चहल पहल रही. पहले जुमे की नमाज अदा करने के बाद रोजेदारों ने अपनी जरूरत के सामानों की जमकर खरीदारी की. दोपहर करीब 11 बजे से सभी प्रमुख मस्जिदों में बड़ी संख्या में पहुंचकर कुरान ए पाक की इबादत की. इसके बाद एक बजे रोजेदारों ने रमजान के पहले जुमा की नमाज अदा की. जुमे की नमाज के दौरान रोजेदारों ने खुदा की रहमत पाने के लिए दोनों हाथ उठाकर दुआ करते हुए खुदा की इबादत में सिर झुकाया. रोजा से मेहरबानी का जज्बा होता है पैदा रोजा रखने में बहुत सी हिकमतें हैं. रोजा रखने से भूख और प्यास की तकलीफ का पता चलता है. इससे भोजन और पानी की कद्र मालूम होती है. इंसान अल्लाह का शुक्र अदा करता है. इमाम ने कहा कि रोजा से भूखों और प्यासों पर मेहरबानी का जज्बा पैदा होता है. मालदार अपनी भूख याद करके गरीब मोहताज की भूख का पता लगाता है. रोजा से भूख के बर्दाश्त करने की आदत पड़ती है. डॉक्टर व हकीम बताते है कि फाका बहुत सी बीमारियों का इलाज है, इससे कुव्वते हाजमा की इस्लाह होती है. रोजा ब्लड प्रेशर, कैंसर, फालिज, मोटापा की बीमारियों और भी बहुत सारी बीमारियों में फायदा बख्श है.

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