सीतामढ़ी से रतिकांत झा की रिपोर्ट
Punaura Dham Development: माता जानकी की पावन जन्मस्थली पुनौरा धाम में चल रहे विकास कार्यों के बीच एक नया विवाद सामने आया है. मंदिर परिसर में स्थित ऐतिहासिक ‘सीता रसोई भवन’ को ध्वस्त किए जाने की चर्चाओं ने स्थानीय लोगों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और धर्मप्रेमियों की चिंता बढ़ा दी है. इस संबंध में स्थानीय नागरिकों और मंदिर समिति ने पर्यटन विभाग एवं जिला प्रशासन से फैसले पर पुनर्विचार करने की पुरजोर मांग की है.
उपयोगी संरचनाओं के संरक्षण की अपील
सीताराम मंडल, पुनौरा धाम के महामंत्री दिनेश चंद्र द्विवेदी ने बताया कि त्रेतायुगीन पुंडरीक क्षेत्र के रूप में विख्यात इस स्थल का विकास हमेशा जनसहयोग और सरकार के संयुक्त प्रयासों से हुआ है. पहले स्थानीय लोगों और फिर बिरला ट्रस्ट के सहयोग से मंदिर को सुव्यवस्थित स्वरूप मिला. इसके बाद सरकारी प्रयासों से यात्री निवास, जानकी अतिथि भवन और सीता प्रेक्षा हॉल जैसे महत्वपूर्ण निर्माण कराए गए.
नए निर्माण तक यथावत रखने की मांग
स्थानीय गणमान्य नागरिकों का कहना है कि सीता रसोई भवन वर्षों से संतों, श्रद्धालुओं के भोजन और ठहरने का मुख्य केंद्र रहा है. वर्तमान में परिसर की कुछ पुरानी संरचनाओं को पहले ही हटाया जा चुका है. ऐसे में मास्टर प्लान के तहत अगर इस भवन को हटाना जरूरी भी है, तो पहले इसके विकल्प की समुचित व्यवस्था की जानी चाहिए. श्रद्धालुओं का तर्क है कि जब तक नया भवन पूरी तरह तैयार नहीं हो जाता, तब तक इस उपयोगी और धार्मिक महत्व की संरचना को यथावत सुरक्षित रखा जाए ताकि बाहर से आने वाले भक्तों को असुविधा न हो.
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