Lightning Strike Death: अगर बारिश में पेड़ या झोपड़ी के नीचे रुकते हैं, तो सीतामढ़ी की यह खबर जरूर पढ़ें
Lightning Strike Death: सीतामढ़ी के बेला थाना क्षेत्र के नरगां गांव में धान रोपनी के दौरान वज्रपात होने से एक महिला की मौत हो गई, जबकि आधा दर्जन महिलाएं झुलसकर मूर्छित हो गईं. सभी घायलों का इलाज सीएचसी परिहार में जारी है.
सीतामढ़ी के परिहार से मो० दुलारे की रिपोर्ट
Lightning Strike Death: सीतामढ़ी जिले के बेला थाना क्षेत्र अंतर्गत नरगां गांव में सोमवार की सुबह तेज आंधी और मूसलाधार बारिश के साथ भीषण वज्रपात की घटना हुई.इस प्राकृतिक आपदा की चपेट में आने से एक 40 वर्षीय महिला की दर्दनाक मौत हो गई.जबकि आधा दर्जन से भी अधिक अन्य महिलाएं वज्रपात के जोरदार झटके से झुलसकर मौके पर ही मूर्छित हो गईं.
धान रोपनी के दौरान झोपड़ी में लिया था शरण
मिली जानकारी के अनुसार, नरगां गांव के सरेह (खेत) में सभी महिलाएं सुबह के समय धान की रोपनी कर रही थीं.इसी बीच अचानक आसमान में काले बादल छा गए और तेज आंधी के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हो गई.बारिश से बचने के लिए सभी महिलाओं ने खेत के पास ही स्थित एक छोटी सी झोपड़ी के नीचे शरण ले लिया.इसी दौरान अचानक तेज गर्जना के साथ बिजली चमकी और झोपड़ी पर ही वज्रपात हो गया, जिससे यह बड़ा हादसा हुआ.
मृतक की हुई पहचान, जख्मी खतरे से बाहर
इस घटना में वज्रपात की सीधी चपेट में आने से राज नारायण की 40 वर्षीय पत्नी गीता देवी की मौके पर ही मौत हो गई.वहीं, मूर्छित हुई अन्य महिलाओं को ग्रामीणों के सहयोग से आनन-फानन में इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) परिहार पहुंचाया गया.अस्पताल के प्रभारी चिकित्सक ने बताया कि प्राथमिक उपचार के बाद सभी जख्मी महिलाएं फिलहाल खतरे से बाहर हैं.जख्मियों की पहचान राम प्रवेश पासवान की पत्नी गीता देवी, बच्चु पासवान की पत्नी फुलो देवी और उमेश पासवान की पत्नी सोनावती के रूप में की गई है.
गांव में पसरा मातमी सन्नाटा
घटना की सूचना मिलते ही बेला थाना पुलिस और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे.पुलिस ने मृतका के शव को कब्जे में लेकर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है.एक तरफ जहां मूसलाधार बारिश से किसान खुश थे, वहीं इस दर्दनाक हादसे से नरगां गांव में पूरी तरह मातमी सन्नाटा पसर गया है.परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है.
वज्रपात के दौरान सुरक्षा के लिए निम्नलिखित एहतियात बरतनी चाहिए:
- पक्के मकान में शरण लें: बिजली कड़कने पर तुरंत किसी पक्के मकान या छत वाले वाहन के अंदर चले जाएं. खुले आसमान, पेड़ या झोपड़ी के नीचे बिल्कुल न रुकें.
- इलेक्ट्रॉनिक चीजों से दूरी: घर के अंदर होने पर बिजली से चलने वाले उपकरणों (टीवी, फ्रिज) के प्लग निकाल दें और लैंडलाइन फोन का इस्तेमाल न करें.
- पानी से रहें दूर: तालाब, नदी या खेतों में जमा पानी से तुरंत दूर हट जाएं, क्योंकि पानी बिजली का सुचालक होता है.
- धातु की वस्तुओं से दूरी: लोहे के खंभे, तार के घेरे, साइकिल या खेती के लोहे के औजारों (जैसे हल, कुदाल) से दूर रहें.
- जमीन पर न लेटें: यदि खुले में फंस जाएं, तो दोनों पैरों को पास लाकर घुटनों के बल बैठ जाएं और हाथों से कान बंद कर लें, लेकिन जमीन पर सीधे कभी न लेटें.
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