रोहतास जिले के सासाराम से मो. आरिफ खान की रिपोर्ट
Rohtas News: बिहार सरकार के शिक्षा विभाग ने विज्ञापन संख्या 22/2024 (टीआरई-3) के तहत नियुक्त ऐसे विद्यालय अध्यापकों की सेवा समाप्त करने का कड़ा निर्देश जारी किया है, जिन्होंने एनआईओएस से 18 माह का डीएलएड कोर्स किया है. प्राथमिक शिक्षा निदेशक विक्रम विरकर की ओर से जिला शिक्षा पदाधिकारी को इस संबंध में आधिकारिक पत्र भेजा गया है. विभाग ने निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का अक्षरशः पालन करते हुए कार्रवाई कर इसकी पूरी सूचना जल्द से जल्द मुख्यालय को उपलब्ध कराने को कहा है.
विज्ञापन की शर्तों का हवाला देकर विभाग ने की कार्रवाई
जारी सरकारी निर्देश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि टीआरई-3 भर्ती के मूल विज्ञापन की शर्तों में पहले ही साफ कर दिया गया था कि शिक्षा विभाग के सात दिसंबर 2023 के पत्र के आलोक में एनआईओएस से प्राप्त 18 माह का डीएलएड प्रमाण पत्र विद्यालय अध्यापक पद पर नियुक्ति के लिए किसी भी परिस्थिति में मान्य नहीं होगा. इसी आधार को मुख्य बिंदु मानते हुए ऐसे अयोग्य पाए गए अभ्यर्थियों की नियुक्ति रद्द करने पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है. पत्र के अनुसार, सभी जिला शिक्षा पदाधिकारी अपने स्तर से इसकी समीक्षा कर रहे हैं.
सभी डीईओ को निर्धारित प्रक्रिया के तहत हटाने का आदेश
मुख्यालय द्वारा भेजे गए पत्र के अनुसार, सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को कड़ा निर्देश दिया गया है कि विज्ञापन संख्या 22/2024 के तहत नवनियुक्त ऐसे सभी विद्यालय अध्यापकों की सेवा निर्धारित चयन प्रक्रिया का पूरी तरह पालन करते हुए तत्काल समाप्त करें तथा की गई इस दंडात्मक कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट विभाग को शीघ्र उपलब्ध कराएं. इस आदेश के बाद से ही हाल ही में नियुक्त हुए संबंधित शिक्षकों में हड़कंप मच गया है और कई संगठन इस नीतिगत फैसले पर गहरी चिंता व्यक्त कर रहे हैं.
रोहतास जिले में प्रभावित शिक्षकों के अभिलेखों का मिलान शुरू
इधर, इस संवेदनशील प्रशासनिक संबंध में पूछे जाने पर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ) स्थापना निशांत गुंजन ने बताया कि विभागीय आदेश के अनुरूप रोहतास जिले में कार्यरत ऐसे सभी शिक्षकों की सटीक संख्या जुटायी जा रही है. उन्होंने कहा कि विभाग से प्राप्त कड़े निर्देश के अनुसार ही आगे की विधिसम्मत कार्रवाई जिले में की जाएगी. वर्तमान में जिला स्तर पर संबंधित सभी नियोजन अभिलेखों और शैक्षणिक प्रमाण पत्रों का गहन मिलान कर प्रभावित शिक्षकों का पूरा ब्योरा तैयार किया जा रहा है.
