दिनारा के आंगनबाड़ी केंद्रों पर राशन वितरण में गड़बड़ी उजागर, विभाग ने माना भ्रष्टाचार, अब होगी वसूली

दिनारा प्रखंड के आंगनबाड़ी केंद्रों में राशन वितरण को लेकर उठा विवाद अब गहराया

By ANURAG SHARAN | April 28, 2026 3:43 PM

सुपरवाइजरों पर उगाही का आरोप, ऑडियो साक्ष्य ने खोली पोल, दिनारा में मचा हड़कंप

आरटीआइ से मिली जानकारी के बाद विभाग ने स्वीकारी अनियमितता, वसूली का आदेश जारी

प्रतिनिधि, बिक्रमगंज

दिनारा प्रखंड के आंगनबाड़ी केंद्रों में राशन वितरण को लेकर उठा विवाद अब गहरा गया है. शिकायतकर्ता चौधरी चरण सिंह की पहल पर हुई जिलास्तरीय जांच में विभाग ने स्वयं अनियमितता की बात स्वीकार कर ली है. इससे पूर्व, चौधरी चरण सिंह ने अनुमंडलाधिकारी बिक्रमगंज प्रभात कुमार को लिखित आवेदन देकर जांच की मांग की थी. अनुमंडल प्रशासन द्वारा गठित जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट में गड़बड़ी से इनकार कर दिया था, जिससे असंतुष्ट होकर शिकायतकर्ता ने सूचना के अधिकार (आरटीआइ) के तहत जिलास्तर पर मामला उठाया. जिलास्तरीय जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आये हैं. विभाग ने स्वीकार किया कि कुछ केंद्रों पर एफआरएस के माध्यम से राशन वितरण में धांधली हुई है. इसके बाद विभाग ने संबंधित केंद्रों से वितरित की गयी राशि की वसूली का आदेश जारी किया है. इस खुलासे से स्पष्ट है कि पूर्व की जांच में तथ्यों को दबाने का प्रयास किया गया था. स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि शिकायतकर्ता निरंतर प्रयास नहीं करते, तो यह भ्रष्टाचार उजागर नहीं हो पाता. प्रशासन का कहना है कि आरोपित कर्मियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है.

सुपरवाइजरों पर उगाही का आरोप, ऑडियो साक्ष्य से खुली पोल

राशन वितरण में गड़बड़ी के साथ ही अब सुपरवाइजरों पर अवैध उगाही के गंभीर आरोप भी लगे हैं. शिकायतकर्ता के अनुसार, अनुमंडल क्षेत्र में पांच वर्षों से अधिक समय से एक ही स्थान पर सुपरवाइजरों की तैनाती है, जिससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिला है. आरोप है कि प्रत्येक केंद्र से नियमित रूप से एक निश्चित राशि की वसूली की जाती है. शिकायतकर्ता ने जांच टीम को एक ऑडियो साक्ष्य भी सौंपा है, जिसमें कथित रूप से सुपरवाइजर द्वारा उगाही की बात स्वीकार की जा रही है. इस साक्ष्य के आधार पर विभाग ने मामले को गंभीर माना है. विभागीय स्तर पर अनियमितता स्वीकार होने के बावजूद अब तक ठोस कार्रवाई न होना कई सवाल खड़े कर रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थापना भ्रष्टाचार का मुख्य कारण है. शिकायतकर्ता ने चेतावनी दी है कि यदि आरोपितों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो वे कानूनी लड़ाई जारी रखेंगे.