समस्तीपुर: दूधपुरा बाजार में जाम से परेशान लोग, घंटों फंस रहे वाहन

हसनपुर के दूधपुरा बाजार में लगातार लगने वाले जाम से लोग परेशान हैं. ई-रिक्शा की अव्यवस्थित पार्किंग और सड़क अतिक्रमण को जाम का प्रमुख कारण बताया जा रहा है. लोगों का कहना है कि इससे उनका समय और काम दोनों प्रभावित हो रहे हैं. पढ़ें पूरी खबर...

By Sarfaraz Ahmad | June 5, 2026 5:59 PM

Samastipur News: हसनपुर प्रखंड के प्रमुख व्यावसायिक केंद्र दूधपुरा बाजार में लगातार लगने वाले जाम से आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. बाजार में रोजाना घंटों जाम लगने से लोगों का समय बर्बाद हो रहा है और जरूरी काम प्रभावित हो रहे हैं.

चार जिलों को जोड़ता है दूधपुरा बाजार

दूधपुरा बाजार हसनपुर प्रखंड का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है. यहां से दरभंगा, समस्तीपुर, बेगूसराय और खगड़िया जिले के लिए संपर्क मार्ग गुजरता है. ऐसे में प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री और वाहन इस मार्ग का उपयोग करते हैं.

लंबी दूरी तय कर आने वाले लोगों को बाजार में घंटों जाम में फंसना पड़ता है, जिससे उन्हें काफी परेशानी होती है.

स्थानीय लोग भी परेशान

स्थानीय लोगों का कहना है कि जाम की समस्या के कारण वे अत्यंत आवश्यक कार्य होने पर ही बाजार आने का निर्णय लेते हैं. कई बार घंटों तक जाम में फंसे रहने की स्थिति बन जाती है.

लोगों के अनुसार बाजार में बढ़ती भीड़ और अव्यवस्थित यातायात के कारण स्थिति दिन-प्रतिदिन गंभीर होती जा रही है.

ई-रिक्शा और अतिक्रमण को बताया कारण

स्थानीय लोगों का कहना है कि बाजार में जाम लगने का मुख्य कारण ई-रिक्शा का मुख्य सड़क पर इधर-उधर खड़ा रहना है. इसके अलावा कई छोटे दुकानदार सड़क किनारे और सड़क की भूमि पर सामान फैलाकर दुकान लगाते हैं, जिससे सड़क संकरी हो जाती है.

इस कारण थोड़ी भी भीड़ बढ़ने पर जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है.

गंभीर मरीजों के लिए बढ़ रहा खतरा

लोगों ने बताया कि कई बार जाम इतना भीषण हो जाता है कि एंबुलेंस और गंभीर मरीजों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. बाजार में दिनभर लोगों का आवागमन बना रहता है.

ऐसे में जब बड़े ट्रक या यात्री बसें बाजार में प्रवेश करती हैं तो घंटों तक जाम की स्थिति बनी रहती है.

बाइपास का सहारा ले रहे लोग

जाम से बचने के लिए कई लोग अब बाइपास मार्ग का उपयोग करने लगे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि पूर्व में दूधपुरा पिकेट पर तैनात पुलिसकर्मियों की सक्रियता के कारण जाम की समस्या कम रहती थी.

हालांकि वर्तमान में यातायात नियंत्रण में कमी के कारण जाम की स्थिति लगातार बनी रहती है, जिसका सीधा असर आम लोगों के कामकाज और दैनिक जीवन पर पड़ रहा है.