समस्तीपुर से गिरिजा नंदन शर्मा की रिपोर्ट
Samastipur Revenue Collection: जिले में डिजिटल राजस्व संग्रह यानी ऑनलाइन लगान वसूली की रफ्तार काफी धीमी चल रही है. वित्तीय वर्ष के बीतने के बावजूद जिला अब तक अपने कुल तय लक्ष्य का आधा हिस्सा भी हासिल नहीं कर पाया है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, जिले की कुल राजस्व वसूली महज 45% तक ही पहुंच सकी है. समस्तीपुर जिले का कुल वार्षिक लक्ष्य 17.50 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया था, जिसके मुकाबले अब तक कुल 7,87,56,440 रुपये (लगभग 7.87 करोड़) ही सरकारी खजाने में जमा हो सके हैं.
पूसा अंचल सबसे आगे, मोरवा दूसरे स्थान पर
अंचलवार प्रदर्शन पर नजर डालें तो पूसा अंचल 63.09% वसूली के साथ पूरे जिले में शीर्ष यानी पहले स्थान पर बना हुआ है. पूसा ने 56.92 लाख के लक्ष्य के मुकाबले 35.90 लाख रुपये वसूल किए हैं. वहीं 63.85% की वसूली के साथ मोरवा अंचल दूसरे और 58.07% की उपलब्धि के साथ दलसिंहसराय तीसरे स्थान पर है. मुख्यालय अंचल समस्तीपुर भी 58.03% वसूली के साथ चौथे पायदान पर है.
हसनपुर अंचल का प्रदर्शन सबसे खराब
इसके विपरीत, हसनपुर अंचल का प्रदर्शन पूरे जिले में सबसे निराशाजनक रहा है. हसनपुर 88.61 लाख रुपये के लक्ष्य के मुकाबले केवल 31.13% यानि 27.58 लाख रुपये ही वसूल कर पाया है और तालिका में सबसे नीचे है. इसके अलावा मोहनपुर की स्थिति 32.80% और विभूतिपुर अंचल की स्थिति 34.05% के साथ बेहद चिंताजनक बनी हुई है. उजियारपुर में 48.99% और खानपुर में 47.62% ही वसूली हुई है.
अंचलवार राजस्व वसूली का पूरा गणित
जिले के अन्य प्रमुख अंचलों में ताजपुर 45.70%, कल्याणपुर 42.25%, रोसड़ा 41.79% और सरायरंजन 38.66% की उपलब्धि पर अटका हुआ है. इस सुस्त रफ्तार को देखते हुए विभाग द्वारा समीक्षा कर अंचलाधिकारियों को वसूली में तेजी लाने का निर्देश दिया जा रहा है ताकि तय वार्षिक लक्ष्य को समय से पूरा किया जा सके.
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