Samastipur news:समस्तीपुर: ”रिड्यूस-रीयूज़-रीसायकल” का निकला दम! कूड़े के ढेर पर नगर निगम, पर्यावरण और सांसों पर संकट

शहर को स्मार्ट बनाने के दावे हवा-हवाई साबित हो रहे हैं. नगर निगम की लापरवाही के कारण इंद्रनगर स्थित ट्रेंचिंग ग्राउंड अब कचरे और प्रतिबंधित पॉलीथिन का विशाल पहाड़ बन चुका है.

By PREM KUMAR | January 19, 2026 4:29 PM

Samastipur news: समस्तीपुर: शहर को स्मार्ट बनाने के दावे हवा-हवाई साबित हो रहे हैं. नगर निगम की लापरवाही के कारण इंद्रनगर स्थित ट्रेंचिंग ग्राउंड अब कचरे और प्रतिबंधित पॉलीथिन का विशाल पहाड़ बन चुका है. लाखों रुपये खर्च कर लगाया गया प्लास्टिक रिसाइक्लिंग प्लांट सफेद हाथी साबित हो रहा है, जिससे न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि आम नागरिकों का जीना भी मुहाल हो गया है.

6.30 लाख का प्रोजेक्ट, नतीजा ”जीरो”

शहर के गीले और सूखे कचरे के निष्पादन के लिए नगर निगम ने 20 कंपोस्ट पीट, थ्रेडिंग प्लेटफॉर्म और सिविंग मशीन जैसी सुविधाओं पर लाखों रुपये फूंके थे. दावा था कि प्लास्टिक से बुरादा बनेगा और कचरे से खाद. लेकिन हकीकत यह है कि प्लांट के चारों ओर कचरे का अंबार लगा है और वैज्ञानिक निपटान की जगह वहां सिर्फ गंदगी का राज है.

फेल हुई ”प्लास्टिक लाओ, थैला ले जाओ” स्कीम

नगर निगम ने लोगों को आकर्षित करने के लिए कई लुभावनी योजनाएं बनाई थीं जैसे:प्लास्टिक लाओ, थैला ले जाओ.प्लास्टिक लाओ, मास्क ले जाओ.स्वच्छता साथी (वोलेंटियर) की बहाली.लेकिन धरातल पर इनमें से एक भी योजना सफल नहीं हुई. आज आलम यह है कि शहर से निकलने वाले 40-50 टन कचरे का एक तिहाई हिस्सा भी प्रोसेस नहीं हो पा रहा है.

शहर बना अघोषित ”डंपिंग यार्ड”

ट्रेंचिंग ग्राउंड भर जाने के कारण अब शहर के विभिन्न मोहल्लों में अघोषित डंप सेंटर बन गए हैं. इन कचरे के ढेरों में अक्सर आग लगा दी जाती है, जिससे निकलने वाला जहरीला धुआं लोगों के फेफड़ों को बीमार कर रहा है. पशु इस कचरे में पड़ी प्लास्टिक खाकर मौत के मुंह में जा रहे हैं, लेकिन प्रशासन गहरी नींद में सोया है. “जल्द ही प्लांट से जुड़े कार्यों की समीक्षा की जाएगी. जनउपयोगी कार्यों में लापरवाही बरतने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी. ” —

अनीता राम, मेयर, नगर निगम, समस्तीपुरB

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