[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार समस्तीपुर क्लस्टर बनाकर मशरूम उत्पादन करने की जरूरत : कुलपति

क्लस्टर बनाकर मशरूम उत्पादन करने की जरूरत : कुलपति

0
क्लस्टर बनाकर मशरूम उत्पादन करने की जरूरत : कुलपति

पूसा : डॉ राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय स्थित संचार केंद्र के पंचतंत्र सभागार में मशरूम उत्पादन एवं प्रसंस्करण तकनीक विषय पर प्रशिक्षकों के लिए 15 दिनी आवासीय प्रशिक्षण शुरू हुआ. अध्यक्षता करते हुए कुलपति डा पीएस पांडेय ने कहा कि किसानों को क्लस्टर बनाकर मशरूम उत्पादन करने की जरूरत है. इसके लिए उत्पादकों को मांग के अनुरूप अपने उत्पादों एवं उत्पादनों को बढ़ाने की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने अब देश को दुनिया भर में मशरूम उत्पादन में प्रथम बनाने को लेकर प्रयास शुरू कर दिया है. विश्वविद्यालय की ओर से वैज्ञानिकों की टीम ने गोवा, राजस्थान, झारखंड आदि राज्यों का दौरा किया है. वहां के किसानों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है. कहा कि मशरूम महिला सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है. निदेशक अनुसंधान डॉ एके सिंह ने कहा कि डॉ पांडेय के सहायक महानिदेशक के कार्यकाल में ही में मशरूम परियोजना की शुरुआत की गई थी और आज उनके कुलपति के कार्यकाल में इसे देश भर में लागू करने की शुरुआत हो गई है. मशरूम वैज्ञानिक डॉ दयाराम, निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ एमएस कुंडू, डॉ सुधानंदिनी, डॉ आरपी प्रसाद, डॉ रामप्रभात आदि मौजूद थे.

डीजल अनुदान के लिए किसानों के बीच करें प्रचार-प्रसार : बीएओ

मोहिउद्दीननगर. ई-किसान भवन के सभागार में शनिवार को कृषि विभाग से जुड़े कार्यों व योजनाओं की समीक्षा की गयी. अध्यक्षता करते हुए बीएओ कमलेश कुमार मिश्र ने कहा कि संभावित सुखाड़ को देखते हुए किसानों के बीच डीजल अनुदान को लेकर प्रचार प्रसार करने की जरूरत है. इस दौरान बताया गया कि डीजल अनुदान के लिए कृषि विभाग का ऑनलाइन आवेदन का पोर्टल खुला है. किसान कृषि विभाग के वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं. प्रति लीटर डीजल पर 75 रुपये का अनुदान है. एक किसान को एक एकड़ के लिए 10 लीटर डीजल अनुमान्य है. वहीं, एक किसान अधिकतम आठ एकड़ तक के लिए तीन पटवन का आवेदन दे सकते हैं. डीजल अनुदान का लाभ रैयत एवं बटाईदार दोनों किसानों को दिया जायेगा. आवेदन के दौरान किसानों को सरकार के निर्देश का अनुपालन करना अनिवार्य होगा. इस दौरान खरीफ महाअभियान के लिए बीज वितरण की गहन समीक्षा कर कृषि कर्मियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिया गया. साथ ही बताया गया कि बेबी कॉर्न की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए कृषि विभाग की ओर से 90 किलोग्राम बीज प्रखंड उपलब्ध कराया गया है. जिसे प्रखंड के सभी पंचायतों में प्रत्यक्षण के लिए किसानों के बीच वितरण करना है. इस मौके पर कृषि समन्वयक गौतम चौधरी, प्रभात कुमार सिंह, मुकेश कुमार, धीरेंद्र कुमार, मनोज कुमार, निशांत कुमार, बीटीएम रवि कुमार मल्लिक, धनंजय कुमार सिंह, सुधीर कुमार, अरुण प्रभाकर, विनोद शर्मा, संजीव कुमार, संदीप सिंह, प्रेम कुमार, शिवनाथ कुमार, राकेश रमण, धर्मेंद्र दास चौपाल, राकेश कुमार, गरीबनाथ राय मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel