Saharsa Mandi: मंडी का बाजार सिर्फ कीमतों का खेल नहीं होता, बल्कि यह किसानों की मेहनत और व्यापारियों की रणनीति का आईना भी होता है. इस समय सहरसा मंडी में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिल रहा है. एक ओर मक्का की भरपूर आवक किसानों की चिंता बढ़ा रही है, तो दूसरी ओर चावल की बढ़ती मांग उम्मीद जगा रही है. आखिर बाजार का यह बदलता रुख किस ओर इशारा कर रहा है? आइए जानते हैं.
मक्का की बढ़ी आवक से कीमतों पर बना दबाव
सहरसा मंडी में बुधवार को मौसम साफ रहने के कारण कृषि उपज की आवक सामान्य रही. सबसे अधिक असर मक्का के बाजार पर देखने को मिला. किसानों की ओर से लगातार मक्का की बिक्री की जा रही है, जिससे मंडी में इसकी पर्याप्त आवक बनी हुई है.
हालांकि, बड़े खरीदार सीमित मात्रा में ही खरीदारी कर रहे हैं. मांग और आपूर्ति के बीच बने इस अंतर की वजह से मक्का के भाव में नरमी दर्ज की गई. कारोबारियों का मानना है कि जब तक खरीदारी की रफ्तार नहीं बढ़ेगी, तब तक मक्का के दाम पर दबाव बना रह सकता है.
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गेहूं के बाजार में भी दिखी हल्की गिरावट
मक्का की तरह गेहूं के बाजार में भी हल्की नरमी देखने को मिली. पर्याप्त उपलब्धता के कारण खरीदारों को ज्यादा प्रतिस्पर्धा का सामना नहीं करना पड़ रहा है, जिसका असर सीधे कीमतों पर दिख रहा है.
व्यापारियों का कहना है कि फिलहाल गेहूं के बाजार में किसी बड़ी तेजी की संभावना नहीं दिख रही है. कीमतें मांग बढ़ने के बाद ही मजबूत हो सकती हैं.
चावल ने संभाला बाजार, बाहर से बढ़ी मांग
जहां मक्का और गेहूं के दाम कमजोर पड़े, वहीं चावल का बाजार मजबूत बना रहा. कारोबारियों के अनुसार बाहरी राज्यों से लगातार मांग आने के कारण चावल की कई प्रमुख किस्मों के भाव स्थिर और मजबूत बने हुए हैं.
इससे चावल उत्पादकों और व्यापारियों को राहत मिली है. बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में मांग इसी तरह बनी रहती है तो चावल की कीमतों में और मजबूती देखने को मिल सकती है.
आज सहरसा मंडी में क्या रहे प्रमुख भाव
बुधवार को मंडी में मक्का 1900 से 2000 रुपये प्रति क्विंटल के बीच बिका. गेहूं का भाव 2400 से 2500 रुपये प्रति क्विंटल रहा.
चावल खिलाखिला की कीमत 5300 से 5400 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज की गई. वहीं 24 कैरेट बासमती और 24 कैरेट जी हां चावल 5700 से 5800 रुपये प्रति क्विंटल के बीच बिके.
दालों की बात करें तो मसूर 6500 से 7000 रुपये, अरहर 12500 से 13000 रुपये और चना दाल 7500 से 8000 रुपये प्रति क्विंटल रही.
गोटा चना 6500 से 6700 रुपये और गोटा मूंग 10000 से 10500 रुपये प्रति क्विंटल के बीच बिके.
तेलहन में पीली सरसों 11000 से 12000 रुपये प्रति क्विंटल रही, जबकि 15 लीटर धारा सरसों तेल का भाव 2550 से 2600 रुपये दर्ज किया गया.
सब्जियों में आलू 800 से 900 रुपये और प्याज 1600 से 1700 रुपये प्रति क्विंटल के बीच बिके.
Saharsa Mandi: अगले सप्ताह पर टिकी किसानों और व्यापारियों की नजर
मंडी विशेषज्ञों का मानना है कि अगले कुछ दिनों में बाजार की दिशा दो प्रमुख कारकों पर निर्भर करेगी. पहला, मक्का की आवक कितनी रहती है और दूसरा, चावल की मांग किस गति से आगे बढ़ती है.
अगर मक्का की आवक इसी तरह जारी रही और खरीदारी सीमित रही, तो इसके दाम पर दबाव बना रह सकता है. वहीं चावल की मांग बढ़ने पर इसकी कीमतों में और तेजी आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.
