[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार सहरसा टीआरई 1 से 3 तक के 4000 शिक्षकों की कुंडली खंगाल रहा विभाग, शिक्षा विभाग ने शुरू की जांच

टीआरई 1 से 3 तक के 4000 शिक्षकों की कुंडली खंगाल रहा विभाग, शिक्षा विभाग ने शुरू की जांच

0
टीआरई 1 से 3 तक के 4000 शिक्षकों की कुंडली खंगाल रहा विभाग, शिक्षा विभाग ने शुरू की जांच
बिहार के सहरसा में कई टीचर जांच के घेरे में

Bihar BPSC Teachers: बिहार के सहरसा जिले में कुछ शिक्षक जांच में फर्जी पाए गए हैं. जांच में उनके प्रमाण पत्रों में गड़बड़ी पाई गई है. इससे उनकी नौकरी पर खतरा मंडरा रहा है. पिछले तीन-चार साल में बीपीएससी के जरिए टीआरई-1, टीआरई-2 और टीआरई-3 के तहत करीब चार हजार से ज्यादा शिक्षकों की नियुक्ति हुई थी. इन सभी शिक्षकों के डाक्यूमेंट्स की जांच की जा रही है. इसी दौरान कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां फर्जी सर्टिफिकेट के आधार पर नौकरी हासिल की गई.

बड़ा नेटवर्क कर रहा काम

जांच में यह भी सामने आया है कि यह गड़बड़ी सिर्फ छोटे स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है. माना जा रहा है कि शिक्षा माफिया का जाल इतना मजबूत है कि उसकी पहुंच हाई लेवल तक है. ऐसे में विभाग अब और सख्ती से जांच कर रहा है.

बिहार की ताजा खबरों के लिए क्लिक करें

पहले भी पकड़े गए फर्जी टीचर

यह पहला मामला नहीं है. इससे पहले भी 2012 से 2015 के बीच पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर शिक्षक भर्ती में कई फर्जी लोग पकड़े गए थे. उस समय भी कई लोगों की नौकरी चली गई थी. अब एक बार फिर वैसी ही स्थिति बनती दिख रही है.

फिलहाल शिक्षा विभाग लगातार सभी शिक्षकों के प्रमाण पत्रों का वेरिफिकेशन कर रहा है. जिन लोगों के कागज सही नहीं पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई तय मानी जा रही है.

इसे भी पढ़ें: बिहार के सभी जिलों में 7 और 8 अप्रैल को बारिश और तूफान का डबल अलर्ट, देखें अपने जिले का हाल

Previous article 1 महीने में UAE को इतना कर्ज चुकाएगा पाकिस्तान, एक झटके में खत्म होगा 18% विदेशी मुद्रा भंडार
Next article 12वीं के बाद इस तरह बनाएं फैशन की दुनिया में करियर, देखें करियर ऑप्शन और सैलरी 
Avatar Of Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel